Haryana News : वृद्ध आश्रम में मर गया बाप, बेटियाँ अंतिम संस्कार में भी नहीं आईं! | ₹5100 भेजकर बोलीं- अस्थियां बहा देना

 

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मुंबई के कपड़ा करोबारी शिवचरण रामरतन गुप्ता संसार से सारे बंधन तोड़ कर चले गए। पिता की बीमार हालत का पता लगने के बाद से आते हैं-आते हैं कहती रही बेटियां उनकी अंत्येष्टि में भी नहीं आईं। ऑनलाइन वीडियो कॉल पर ही पिता की अंतिम विदाई देखने वाली बेटियों ने अस्थियां तक लेने से इनकार कर दिया।  उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार भी वेस्ट रामनगर में वृद्ध आश्रम चलाने वाली समाज कल्याण शिक्षा समिति के पदाधिकारियों ने किया। समिति अध्यक्ष आनंद कुमार से बातचीत में यह सच सामने आया। समिति सदस्य प्रवीण वर्मा, आनंद कुमार, शिव शंकर शर्मा, यश बंसल, जगत सिंह व अन्य ने शिवचरण गुप्ता की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया।

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यह रिश्तों के पतन का असर था या उनकी विवशता, पता नहीं। कारण चाहे जो भी एक पिता अपने जिगर के टुकड़ों को आखिरी बार देख तक नहीं सके।नेपाल में रहने वाली बड़ी बेटी अनीता से छोटी व मुंबई निवासी प्रिया से बड़ी यूपी के आजमगढ़ निवासी निशा वर्मा ने 5100 रुपये पिता के अंतिम संस्कार के लिए भेजते  कहा कि अंतिम दर्शन मोबाइल पर करा देना। उन्हें उनके पिता की देहदान की अंतिम इच्छा के बारे में बताया तो साफ मना कर दिया। बेटियों ने सिर्फ नेत्रदान की अनुमति दी। यही नहीं दूरी का हवाला देते हुए अपने नहीं आने की बात कहते हुए पिता की अस्थियां भी समिति को ही प्रवाहित करने के लिए कह दिया।