कुताना माइनर, वरूवाली व नोहर फीडर नहर पर अवैध मोगियों पर चला पीला पंजा, टेल पर पानी नहीं पहुंचने पर नहराना हेड पर ग्रामीणों ने दिया था धरना
mahendra india news, new delhi
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र से गुजरने वाली वरूवाली, नोहर फीडर नहर व कुताना माइनर पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आखिर संज्ञान लेना शुरू कर दिया है। नहरों व माइनर पर अवैध तरीके से बनाई गई मोगियों को तोडऩे का अभियान लगातार जारी है। सिंचाई विभाग की टीम एसडीओ के नेतृत्व में कार्रवाई कर रही है। नहरों व माइनर पर 50 फीसद अवैध मोगियां तोड़ दी गई है। गौरतलब है कि नहराना हेड पर टेल पर पानी नहीं पहुंचने पर जमाल गांव के ग्रामीणों ने धरना शुरू किया। इस धरने का चौपटा क्षेत्र के साथ राजस्थान के किसानों ने भी समर्थन किया। धरना स्थल पर 6 दिन के बाद सिंचाई विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा रखी मांग को स्वीकार करते हुए जल्द ही कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
अनेक जगह पर बनी थी अवैध मोगियां
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप माथूर ने अवैध मोगियों को तोडऩे के लिए टीम गठित की गई। विभाग की टीम द्वारा अवैध मोगियों को तोडऩे का लगातार कार्य शुरू है। विभाग की टीम ने बुधवार को कुताना माइनर, वरूवाली नहर, नोहर फीडर नहर पर बनी अवैध मोगियां तोडऩे का कार्य शुरू किया। जेसीबी की सहायता से अवैध मोगियां तोड़ी जा रही है।
समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने धरना पर बैठे ग्रामीणों से कुताना माइनर, जमाल माइनर , वरूवाली नहर व नोहर नहर फीडर नहर पर अवैध होदी तोड़ी जाए, जमाल गांव में जमाल माइनर व कुताना माइनर में टेल पर पूरा पानी पहुंचे, दोनों नहरों मेें पानी चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। दोनों नहरों के आउटलेट ठीक की जाए। गांव हंजीरा में कुताना माइनर से कुड़ा कचरा हटाया जाए, कुताना माइनर के दोनों तरफ मिट्टी लगवाई जाए, कुताना माइनर पर 6 पुल हैं, उनको ऊंचा किया जाए च जमाल माइनर जमाल गांव से गुजरती है, वहां पर घरों का दूषित पानी नहर में जाता है। वहां दीवार बनाकर दूषित पानी को माइनर में जाने से रोका की मांग रखी थी। विभाग ने मांगों पर कार्रवाई शुरू की है। जिससे टेल पर पूरा पानी पहुंच सके।
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप माथूर ने बताया कि वरूवाली नहर, नोहर फीडर नहर व कुताना माइनर पर अवैध मोगियों को जेसीबी से तोड़ा जा रहा है। अभी तक 50 फीसद अवैध मोगियों को तोड़ दिया गया है। जो शेष रह गई है। उन्हें भी तोडऩे के लिए अभियान जारी है।