बिजली कर्मचारी यूनियन ने किया संघर्ष का ऐलान: देवेंद्र सिंह हुड्डा
Mahendra india news, new delhi
सिरसा। ऑन लाइन तबादला पोलिसी कच्चे कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) ने राज्य प्रधान सुरेश राठी की अध्यक्षता में कर्मचारी भवन रोहतक में कार्यकारिणी मीटिंग की गई। मंच का संचालन उप महासचिव राणा ने किया।
चेयरमैन देवेंद्र सिंह हुड्डा ने संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार व केन्द्र सरकार बिजली निगमों को धीरे-धीरे प्राइवेट कंपनियों के हवाले करने का काम कर रही है। इन कम्पनियों को कौडिय़ों के दाम पर बिजली निगमों को सौंपने जा रही है, जिसका ताजा उदाहरण चण्डीगढ़ निगम है, मात्र तीन महीने बाद ही वहां कार्यरत कम्पनी ने बिजली के रेट बढ़ाना शुरू कर दिया। आम आदमी की जेब पर भार बढ़ता जा रहा है। यूपी सरकार भी इन कम्पनियों को बिजली कर्मचारी व अधिकारियों के विरोध के बावजूद बेचने पर आमादा है।
कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। बिजली निगम मैनेजमेंट व हरियाणा सरकार को बार-बार ज्ञापन व पत्र देने के बाद भी कच्चे पक्के कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा है। कच्चे कर्मचारियों को मेडिकल सुविधाएं नहीं मिल रही है ना ही मेडिकल बिलों का भुगतान हो रहा है। इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। निगमों में स्टाफ की कमी के कारण मानसिक रूप से कर्मचारियों को परेशान किया जाता हैं।
इससे पहले यूनियन सब डिवीजनों पर प्रदर्शन कर चुकी है व कार्यकारी अभियंताओं व अधिक्षक अभियंताओं के कार्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली विभाग व बिजली मंत्री के नाम ज्ञापन सौंप चुके हैं। मीटिंग के अंत में राज्य प्रधान सुरेश राठी ने आगामी आन्दोलन की घोषणा करते हुए कहा कि यूनियन पूरे प्रदेश में 27 अगस्त को सभी सर्किलों में कार्यकारिणी मीटिंग करेगे व 4 सितंबर 2025 को जोन पर मांस डेपूटेशन के साथ मिलकर मुख्य अभियंताओं के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सोपा जाएगा।
यूनियन अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली विभाग के प्रदर्शन की तैयारी के लिए पूरे प्रदेश में 6 सितंबर को यूनिट कार्यकारिणी मीटिंग आयोजित करेगी। 10 सितंबर 2025 को अतिरिक्त मुख्य सचिव विद्युत विभाग हरियाणा पंचकूला पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा व मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया जाएगा। मीटिंग में शब्बीर अहमद, सुरेंद्र यादव, सुदामपाल मान, लोकेश कुमार, संदीप सहारण, सुखदेव सिंह, संजीव ढांडा, पूनम कूंडू, धर्मराज कूंडू, बाबूलाल, जगमिंदर पूनिया, राजेश सांगवान, धर्मवीर भाटी, जितेन्द्र तेवतिया, अशोक नेहरा, मनीषा मलिक, विक्रम कम्बोज, सतीश जांगड़ा, सतीश मान, संजय सैनी सहित राज्य कार्यकारिणी के सदस्य, सभी जिला सचिव यूनिटों के पदाधिकारी सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
ये है कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:
बिजली व ऊर्जा के क्षेत्र का निजीकरण बंद किया जाए। कच्चे कर्मचारियों को बिना शर्त पक्का किया जाए। हरियाणा रोजगार कौशल निगम को भंग किया जाएए आन लाइन मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द किया जाए। सभी कर्मचारियों की सर्किल वाइज ड्यूटी की जाए। तबादलों के दौरान कर्मचारियों को 200 किलोमीटर पर भेजा जा रहा है। कर्मचारी अपने जिले में होगा तो अच्छा काम भी करेगा और डिपार्टमेंट को भी फायदा होगा। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। निगम में सभी कर्मचारियों को 600 यूनिट बिजली फ्री दी जाए ।
5 से ज्यादा कार्यरत महिलाओं के दफ्तर में क्रेच, रेस्ट रूम और शौचालय व्यवस्था की जाए व महिलाओं की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए काम के घंटे में छूट दी जाए। फील्ड में 24 घंटे चलने वाले लाइनों पर शिफ्टों में ड्यूटी स्टाफ नियुक्त किया जाए और शिफ्ट अलाउंस कम से कम 5000 रुपए दिया जाए। बिजली निगम में खाली पड़े पदों को लोड व कनेक्शन के हिसाब से रेगुलर भी भर्तियां की जाए। स्मार्ट मीटर पर रोक लगाई जाए ये मीटर आम उपभोक्ता व बिजली निगम के लिए घातक सिद्ध होगा।