विधि विभाग द्वारा नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया 

 

mahendra india news, new delhi
 चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के विधि विभाग द्वारा नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों की व्यावहारिक समझ विकसित करने हेतु फतेहाबाद सिटी पुलिस स्टेशन में एक शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।


इस शैक्षणिक दल का नेतृत्व विधि विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विकास पूनिया एवं डॉ. वकील मेहरा ने किया। दोनों ही प्राध्यापकों ने नए अपराध कानूनों के दायरे, उद्देश्य, प्रमुख परिवर्तन तथा न्यायिक प्रक्रिया पर उनके प्रभाव से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं।छात्रों ने पुलिस कांस्टेबलों को नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों पर प्रशिक्षण प्रदान किया तथा इन कानूनों के व्यावहारिक पक्षों पर सार्थक संवाद स्थापित किया।


सहायक प्राध्यापक डॉ. विकास पूनिया ने कहा कि नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी बनाने की व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि को प्रतिबिंबित करते हैं।


उन्होंने कहा कि ये कानून सुशासन, जवाबदेही और न्याय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की उस विचारधारा के अनुरूप हैं, जो न्याय प्रक्रिया को तेज, तकनीक-सक्षम और पीड़ित-केंद्रित बनाने पर बल देती है।विभागाध्यक्ष प्रो. उम्मेद सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन और विधि छात्रों के बीच इस प्रकार की पारस्परिक सहभागिता न्याय व्यवस्था की जमीनी समझ विकसित करने में अत्यंत आवश्यक है।सिटी पुलिस स्टेशन के एसएचओ सुरेंद्र ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए छात्र-छात्राओं से विस्तृत संवाद स्थापित किया। उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली, अपराध जांच के व्यावहारिक पक्ष, तथा नए आपराधिक कानूनों के वास्तविक अनुप्रयोग पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।