सोवियत क्रांति के फलस्वरूप पूंजीवादी देशों में किसानों-मजदूरों के लिए बने कानून: स्वर्ण सिंह विर्क
mahendra india news, new delhi
रानियां। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सिरसा काउंसिल की बैठक कामरेड सतपाल व किसान नेता धनुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। मीटिंग में सर्वप्रथम वरिष्ठ भाकपा नेता कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क ने बताया कि आज के दिन 108 वर्ष पहले कामरेड लेनिन और उनकी बाल्श्विक पार्टी (सोवियत कम्यूनिस्ट पार्टी) के नेतृत्व में महान अक्टूबर समाजवादी क्रांति की विजय हुई थी। इसी क्रांति से मजदूर किसानों का पहला समाजवादी राज्य स्थापित हुआ, पूंजीवाद की लूट समाप्त हुई। पढ़ाई, दवाई, रोजगार व रिहायश सभी पहुंच में हुई। सोवियत क्रांति के फलस्वरूप पूंजीवादी देशों में वहां की सरकारों ने बाध्य होकर मजदूरों, किसानों का जीवन स्तर सुधारने के कानून बनाए। इसी क्रांति के फलस्वरूप उत्पीड़त राष्ट्रों को आत्म निर्णय का अधिकार प्राप्त हुआ।
हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम को भी बल मिला और भारत समेत तीसरी दुनिया के अनेक देशों ने औपनिवेशिक गुलामी से आजादी हासिल की। स्वतंत्रता के बाद भारत के आजाद आर्थिक विकास व औद्योगिककारण में भी सोवियत संघ की महती भूमिका रही है। कॉम विर्क ने क्रांति दिवस की सभी को बधाई दी। का. लक्ष्मण सिंह शेखावत जिला पार्टी सचिव ने आगामी दिसम्बर में भाकपा की स्थापना की पहली शताब्दी वर्षगांठ पर सिरसा में एक भव्य समागम होगा, जिसमें पार्टी के इतिहास पर प्रकाश डाला जाएगा, पुराने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।
किसान नेता डा. सुखदेव सिंह जम्मू ने बताया कि किसानों की ज्वलंत समस्याओं मंडी की लूट, समर्थन मूल्य, फसल खरीद, डीएपी खाद की उपलब्धता, पराली प्रबंधन हेतु 1200 रुपए प्रति एकड़ व धान की सीधी बिजाई के 4000 रुपए प्रति एकड़ गत वर्ष व इस वर्ष का किसानों को उपलब्ध कराया जाए। वर्षा, बाढ़, जलभराव से खराब फसलों का मुआवजा, सेम की समस्या का समाधान आदि मागों पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 26 नवम्बर को जिला मुख्यालय पर होने वाले प्रदर्शन में किसानों को बढ़चढ़ कर पहुंचने की अपील की।
बैठक में सह सचिव प्रीतपाल सिद्धू, बाला बणी, मिलख राज धनूर, रेशम सिंह संधू, हरदयाल सिंह नकोड़ा, गुरनाम सिंह, बलवंत सिंह, कुलदीप करीवाला, मोहन सिंह, कुलवंत सिंह, बाबा बलवंत सिंह, पाला सिंह चीमा, दारा सिंह डबवाली इत्यादि उपस्थित थे।