फिजिक्स की किताबों से बाहर निकली रोशनी, सीडीएलयू में आधुनिक प्रकाश स्रोतों पर रोचक संवाद
mahendra india news, new delhi
प्रकाश केवल देखने का माध्यम ही नहीं, बल्कि आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास की एक महत्वपूर्ण शक्ति भी है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज (USGS) के भौतिकी विभाग द्वारा मॉडर्न लाइट सोर्सेज इन द एडवांसमेंट ऑफ फिजिक्स एंड एप्लीकेशंस”विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में भौतिकी विभाग के प्रो. धर्मवीर सिंह अहलावत ने बतौर रिसोर्स पर्सन शिरकत की और विद्यार्थियों के साथ आधुनिक प्रकाश स्रोतों की वैज्ञानिक अवधारणाओं, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न क्षेत्रों में उनके अनुप्रयोगों से संबंधित अपने ज्ञान और अनुभव साझा किए। प्रो. अहलावत ने बताया कि लेजर, एलईडी तथा अन्य आधुनिक प्रकाश स्रोत केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संचार, चिकित्सा विज्ञान, उद्योग, अनुसंधान तथा दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को विषय को केवल परीक्षा की दृष्टि से पढ़ने के बजाय उसके पीछे छिपे ‘कैसे और क्यों’ को समझने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर विद्यार्थियों को महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन के जीवन से प्रेरणा लेते हुए यह संदेश भी दिया गया कि वैज्ञानिक सोच का अर्थ केवल पहली बार में सही परिणाम प्राप्त करना नहीं है, बल्कि असफल प्रयोगों से सीखते हुए निरंतर आगे बढ़ना भी है। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा गया कि किसी प्रयोग का असफल होना वैज्ञानिक की असफलता नहीं, बल्कि अगले सफल प्रयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन डॉ. नीलम रानी, सहायक प्रोफेसर, यूएसजीएस ने किया।