हरियाणा प्रदेश में कमजोर पड़ा मानसून, गरज-चमक के साथ आज बरसात के आसार
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश मेंं इस बार मानसून की अभी तक अच्छी बरसात नहीं हुई है। जिसके कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसी के साथ धान, ग्वार, बाजरी की फसलों को बरसात नहीं होने से खराब होनी शुरू हो गई है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सक्रियता में कमी आई है। यह कमी 30 अगस्त 2026 तक बनी रह सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसी के चलते अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ की अक्षय रेखा की उत्तरी सीमा जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर, वाराणसी और दीघा से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तरी हरियाणा के ऊपर बना हुआ है परंतु मानसून टर्फ हिमालय की तलहटियों की तरफ बढऩे की संभावना बन रही है जिससे राज्य में मानसून की सक्रियता में अगले चार-पांच दिनों में थोड़ी कमी आने की संभावना बन रही है
हरियाणा प्रदेश में 30 अगस्त तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने तथा बीच-बीच में आंशिक बादलवाही रहने की संभावना है। इस दौरान हरियाणा प्रदेश में कहीं-कहीं हवाओं व गरज चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बरसात की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर में मध्यम बरसात की भी संभावना है। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी परंतु रात्रि तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है।