चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर का शुभारंभ

 

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भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) निदेशालय, नई दिल्ली के तत्वावधान में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को ऑडिटोरियम में हुआ। शिविर में देश के 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 200 एनएसएस स्वयंसेवक और कार्यक्रम अधिकारी भाग ले रहे हैं, जिनमें 100 छात्राएं और 100 छात्र शामिल हैं। यह शिविर युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और सेवा भावना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।


मुख्य अतिथि सरदार जसबीर सिंह, संरक्षक, नशा मुक्ति चेतना संघ ने युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग नशा मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति चेतना संघ पांच से अधिक राज्यों में सक्रिय रूप से नशा मुक्ति अभियान चला रहा है और युवाओं को जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने में योगदान दें।


उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एनएसएस युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और समाज सेवा की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को एनएसएस के मूल मंत्र “फाइव सी” चरित्र निर्माण, सृजनात्मकता, क्षमता विकास, सहयोग और प्रतिबद्धता को अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलसचिव प्रो. अजय रंगा ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, लेकिन “विविधता में एकता” हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। ऐसे शिविर युवाओं को आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक समझ को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।


अतिथि वक्ता श्रवण राम ने एनएसएस की गतिविधियों और राष्ट्रीय एकता शिविर की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार ने युवाओं से अपने मौलिक कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और राष्ट्र के प्रति भावनात्मक जुड़ाव विकसित करने का आह्वान किया।


कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के एनएसएस संयोजक डॉ. रोहतास द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता शिविर का उद्देश्य विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को एक मंच पर लाकर उन्हें एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, परंपराओं और जीवन शैली से परिचित कराना है। उन्होंने बताया कि एनएसएस निदेशालय, नई दिल्ली के फील्ड ऑफिसर मनोज कुमार भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में पूरे सप्ताह शिविर में उपस्थित रहकर गतिविधियों का अवलोकन करेंगे और शिविर के आगामी दिनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, विचार गोष्ठियां, समूह चर्चाएं और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएगी, जिनके माध्यम से युवाओं में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को और सुदृढ़ किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में रीतिका वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. आरती गौड़, डॉ. कमलेश,  डॉ. मंजू नेहरा, डॉ. सुरेश, डॉ. राकेश, गुरसाहिब सिंह सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, कार्यक्रम अधिकारी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।