प्रलेस हरियाणा ने दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण मार्च के दौरान बर्बर पुलिसिया दमन की घोर निंदा करते हुए जताया कड़ा आक्रोश

 

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प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस), हरियाणा राज्य इकाई ने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण मार्च के दौरान केंद्र सरकार के संरक्षण में किए गए बर्बर पुलिसिया दमन की घोर निंदा करते हुए कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। नीट पेपर लीक धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर जुटे देश के युवा छात्र-छात्राओं द्वारा संसद तक किए जाने वाले पैदल मार्च के दौरान पुलिस द्वारा भीषण लाठी चार्ज व आंसू गैस के गोलों से जिस प्रकार युवा छात्र-छात्राओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर उनके पैरों से लेकर सिर तक गंभीर चोटें पहुंचाईं गईं; वह क्रूरता, बर्बरता और संवेदनशून्यता की निर्मम मिसाल है। एक लोकतान्त्रिक व्यवस्था के चलते अपनी जायज़ मांगों के लिए शांतिपूर्वक संघर्षरत देश के भविष्य, युवा छात्र-छात्राओं और उनके हिमायतियों पर सत्ता के संरक्षण में ऐसी अमानवीय क्रूर कार्रवाई निंदनीय ही नहीं, असहनीय भी है।


प्रलेस हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. पाल कौर व महासचिव डॉ. हरविंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि केंद्र सरकार अपने इस अवांछित रवैये पर चोटिल छात्र-छात्राओं से तुरंत खेद व्यक्त करे और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सौहार्दपूर्वक विचार करते हुए इन्हें तत्काल स्वीकार करे। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार अपनी हठधर्मिता का त्याग करते हुए संवाद का रास्ता अपनाए और देश के भविष्य इन युवा छात्र-छात्राओं के प्रति अपनी बनती ज़िम्मेदारी का संजीदगी से निर्वहन करे।

प्रलेस पदाधिकारियों ने कहा है कि प्रलेस हरियाणा राज्य इकाई हर स्तर पर इन छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करता है। उन्होंने कहा है कि यदि केंद्र सरकार द्वारा इस मामले को संवेदना के धरातल पर सौहार्दपूर्ण ढंग से शीघ्रताशीघ्र न निपटाया गया तो वे अन्य सम-वैचारिक प्रगतिशील जनवादी आवामी संगठनों को साथ लेकर इन छात्र-मांगों के पक्ष में सड़कों पर उतरने को भी तैयार हैं।