जागरूकता से एड्स से बचाव है संभव :- डॉ. जयप्रकाश
Prevention of AIDS is possible through awareness: Dr. Jaiprakash
mahendra india news, new delhi
जेसीडी विद्यापीठ, सिरसा में स्थित जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय के रैड रिबन क्लब के सौजन्य से विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक एवं प्राचार्य डा. जयप्रकाश ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय के रैड रिबन क्लब के प्रभारी डॉ. रमेश कुमार, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. सत्यनारायण, डॉ. सुषमा, डॉ. कंवलजीत कौर, डॉ. निशा, बलविंदर कुमार, डॉ. मदनलाल, डॉ. संदीप, डॉ. मंगतराम, डॉ. प्रिति नारा, सरिता, शालिनी सहित सभी प्राध्यापकगण उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि डा. जयप्रकाश ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व एडस दिवस 1988 के बाद से 1 दिसंबर को हर साल मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य एचआईवी संक्रमण के प्रसार की वजह से एड्स महामारी के प्रति जागरुकता बढ़ाना है। एड्स के संबंध में आमतौर पर असुरक्षित यौन संबंध माना जाता है। इसके अलावा भी संक्रमित इंजेक्शन का इस्तेमाल करने, संक्रमित ब्लड चढ़ने एवं संक्रमित मां से नवजात को भी एड्स हो सकता है। यदि लोग इन सब के प्रति जागरूक रहे तो एड्स जैसे खतरनाक रोग से बचा जा सकता है। एड्स से पीड़ित लोगों में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या बहुत कम होती है और उनका इम्युन सिस्टम भी डैमेज हो जाता है। एचआईवी एक वायरस है, जिसे ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस के नाम से भी जाना जाता है।
डा. जयप्रकाश ने कहा कि एड्स एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जो मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (एचआईवी) संक्रमण के बाद होती है। जागरूकता के अभाव में लोग एड्स का शिकार हो जाते हैं। इसी कारण एक दिन उनकी मौत भी हो जाती है। इससे जागरूक रहकर ही बचा जा सकता है। अगर किसी को एड्स होने का शक होते है तो वह तुरंत अस्पताल पहुंच कर अपनी जांच करवाए। समय रहते अगर इसका पता चल जाए तो इसको बढ़ने से रोका जा सकता है। इससे दूसरे को भी एड्स से बचा सकते हैं। लोगों को इसको लेकर बहुत ही सतर्क रहने की जरूरत है। किसी को खून चढ़ाने से पहले उसकी जांच की जाए, और जांच के बाद किसी को रक्त दिया जाना चाहिए।