सीडीएलयू की एनएसएस सेल द्वारा आयोजित पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
mahendra india news, new delhi
नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि युवाओं में सेवा, संवेदना और राष्ट्रीयता की भावना जगाने वाला अभियान है। एनएसएस स्वयंसेवक जब गांवों, स्कूलों और सामाजिक स्थलों पर जाकर कार्य करते हैं, तो वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। विश्वविद्यालय का वास्तविक विकास तभी है, जब उसके छात्र समाज के साथ जुड़कर परिवर्तन लाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों को सलाह दी कि वे ग्रामीण समस्याओं, स्वच्छता, साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता, नशा उन्मूलन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अधिक मैदान-आधारित गतिविधियों के लिए प्रेरित करें।
ये विचार चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार ने विश्वविद्यालय के सभागार में सीडीएलयू की एनएसएस सेल द्वारा आयोजित पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए व्यक्त किए। यह कार्यक्रम राज्य एनएसएस अधिकारी, उच्च शिक्षा निदेशालय, हरियाणा पंचकूला के निर्देशानुसार फतेहाबाद और सिरसा जिले की ग्रांट इन ऐड (जीआईए) एवं सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट्स (एसएफयू) इकाइयों के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों और क्लर्कों के लिए आयोजित किया गया।
कुलसचिव डॉ सुनील कुमार ने कहा कि युवाओं की एनर्जी को चैनेलाइज करना शैक्षणिक संस्थानों की नैतिक जिम्मेदारी बनती है और इस जिम्मेदारी को पूरा करने में एनएसएस महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राष्ट्र निर्माण में एनएसएस स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने एनएसएस के महत्व, समाज निर्माण में इसकी भूमिका तथा कार्यक्रम अधिकारियों और लिपिकीय स्टाफ की जिम्मेदारियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान पंचकूला से पधारे एनएसएस राज्य अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभागियों को भारत सरकार और हरियाणा सरकार के विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और कहा कि हरियाणा राज्य की एनएसएस इकाइयां किस प्रकार से अन्य राज्यों की इकाइयों के लिए रोल मॉडल का कार्य करती है। इस अवसर पर सहायक गुरप्रीत ने प्रतिभागियों को पीएफएमएस पोर्टल की प्रक्रियाओं लॉगिन, यूनिट विवरण अपडेट, फंड रिलीज, बैंक खाता प्रबंधन, रिपोर्ट तैयार करना तथा रिकॉर्ड संधारण के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रतिभागियों को अपने-अपने लैपटॉप पर पीएफएमएस के विभिन्न मॉड्यूल्स का व्यवहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे वे वास्तविक कार्यप्रणाली को समझ सके और भविष्य में तकनीकी कार्यों को सहजता से पूरा कर सकें। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों के समाधान दिए गए तथा डिजिटल वित्तीय प्रणाली के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
विश्वविद्यालय के एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. रोहतास ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य एनएसएस इकाइयों में वित्तीय प्रबंधन को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना था। सभी प्रतिभागियों को पूर्व निर्देशानुसार इंटरनेट-सुविधा युक्त लैपटॉप, ईमेल आईडी, पासवर्ड एवं एनएसएस बैंक खाते की पासबुक साथ लाने के कारण प्रशिक्षण बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से संपन्न हुआ। आयोजन स्थल पर तकनीकी सहायता केंद्र भी स्थापित किया गया था, जिसमें प्रतिभागियों को ऑन-स्पॉट सहयोग प्रदान किया। सीआरएसयू जींद से एनएसएस कोऑर्डिनेटर व स्टेट अवार्डी डॉ जितेंद्र कुमार ने बतौर रिसोर्स पर्सन बोलते हुए प्रतिभागियों को समय प्रबंधन व वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न गुर बताये।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक और समयानुकूल बताया तथा वित्तीय कार्यों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। अंत में सीडीएलयू के प्रोग्राम ऑफिसर गुरसाहिब सिंह ने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों तथा सहयोगी संस्थानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण न केवल प्रशासनिक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, बल्कि एनएसएस गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर जनसम्पर्क निदेशक डॉ अमित सांगवान, डॉ जीत राम, डॉ रमेश शर्मा, पूनम लोहान, अशोक सहित लगभग 200 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।