राजेंद्र कक्कड़ इन्सां की देह मेडिकल शोध के लिए दान, आंखें भी की गईं दान

 

mahendra india news, new delhi
शहर के कीर्तिनगर निवासी एवं सिरसा ब्लॉक की प्रेमी सेवक बहन वीना कक्कड़ इन्सां के ससुर राजेंद्र कक्कड़ इन्सां रविवार सुबह अपनी सांसारिक यात्रा पूरी कर मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे। उनके निधन के बाद परिजनों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान कर समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

उनकी देह उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च को दान की गई। इसके साथ ही ज्योति दान मुहिम के तहत उनकी आंखें भी दान की गईं। उनकी आंखों को शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक को सौंपा गया, ताकि जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाई जा सके।

 अरदास के बाद निकाली गई अंतिम विदाई यात्रा

देहदान से पहले सचखंडवासी राजेंद्र कक्कड़ इन्सां के आवास पर अरदास की गई और शब्द बोला गया। इसके बाद फूलों से सजी एंबुलेंस में उनकी पार्थिव देह को रखा गया। इस दौरान साध-संगत और परिजनों ने ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी राजेंद्र कक्कड़ इन्सां तेरा नाम रहेगा’ तथा ‘शरीरदानी राजेंद्र कक्कड़ इन्सां अमर रहे’ के गगनभेदी नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके आवास से शाह सतनाम जी मार्ग स्थित गोलछा पैलेस तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में साध-संगत, सेवादार, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए। रास्ते में लोगों ने पुष्प वर्षा कर देहदानी राजेंद्र कक्कड़ इन्सां को श्रद्धांजलि अर्पित की। गोलछा पैलेस से नम आंखों के साथ उनकी पार्थिव देह को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।

बेटा-बेटी एक समान का संदेश भी दिया
अंतिम विदाई के दौरान डेरा सच्चा सौदा की ‘बेटा-बेटी एक समान’ मुहिम का संदेश भी देखने को मिला। राजेंद्र कक्कड़ इन्सां की पुत्रवधू वीना कक्कड़ इन्सां, किरण इन्सां, सुनीता इन्सां, पोती क्यूट, प्रवीण कक्कड़ इन्सां, अनिल इन्सां, नरेश इन्सां, पोते वनीत इन्सां,अमित इन्सां,लविश इन्सां, कशिश इन्सां, साहिल इन्सां, पोती दामाद अवि समेत परिवार की अन्य महिलाओं व पुरुषों ने अर्थी को कंधा देकर अंतिम विदाई में सहभागिता निभाई। परिजनों ने देहदान के इस निर्णय के माध्यम से समाज में मानवता और परोपकार का संदेश दिया। इस अवसर पर ब्लॉक सिरसा की सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार, साध-संगत तथा राजेंद्र कक्कड़ इन्सां के सगे-संबंधी और रिश्तेदार मौजूद रहे। परिजनों ने कहा कि देहदान और नेत्रदान जैसे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है।