13 अगस्त को अंबाला में पुलिस अत्याचार के विरोध में: विभिन्न जत्थेबंदियों द्वारा 25 अगस्त को लाखों सिख संगत की उपस्थिति में बनाई जाएगी रणनीति: लखविंद्र सिंह औलख

 

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
सिरसा। लखविंद्र सिंह औलख तथा गुरमेज सिंह ने बताया कि 7 अगस्त, 2026 को गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में हरसिमरन मंड द्वारा कथित तौर पर सिख नौजवानों पर गाड़ी चढ़ाने और संगत के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी पर कार्रवाई करने के विपरीत सिख नौजवानों पर ही मुकदमे दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा अल्पसंख्यकों पर हमले जारी है बंदी सिंघो की रिहाई के लिए चल रही कौमी इंसाफ मोर्चे पर 15 अगस्त को भारी आंसू गैस के गोले दागे गए, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, घोड़े भी नहीं बख्शे गए। वे सोमवार को बीकेई कार्यालय में किसान संगठनों के नेताओं के साथ मीडिया से रूबरू हो रहे थे।

उन्होंने बताया कि 13 अगस्त को जब हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अन्य संगत ने इस ज्यादती के खिलाफ आवाज उठाई, तो प्रशासन द्वारा उन पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिससे बड़ी संख्या में संगत घायल हुई और वाहनों को नुकसान पहुंचा। जत्थेबंदियों की मुख्य मांगों में हरसिमरन मंड के खिलाफ दर्ज एफआईआर के तहत उसकी तुरंत गिरफ्तारी की जाए व 13 अगस्त को सिख जत्थेबंदियों और संगत पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमे बिना शर्त रद्द किए जाएं तथा गिरफ्तार किए गए नौजवानों को बिना शर्त रिहा किया जाए।

यदि प्रशासन द्वारा इन मांगों पर तुरंत अमल नहीं किया जाता है तो 25 अगस्त को गुरुद्वारा मंजी साहिब, अंबाला में एक विशाल एकत्रिकरण किया जाएगा, जिसमें अगले संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी। इस एकत्रिकरण को सफल बनाने के लिए निहंग सिंह जत्थेबंदियों, कार सेवा संस्थाओं, किसान यूनियनों और अन्य सिख संप्रदायों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करके लाखों की संख्या में शामिल होने के लिए अपील की जाएगी। इस मौके पर हरियाणा सिख एकता दल एवं भारतीय किसान एकता प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख गुरमेज सिंह  एचएसजीएमसी सदस्य एवं अकाल पंथक मोर्चा, अंग्रेज सिंह कोटली, गुरप्रीत सिंह संधू , त्रिलोक सिंह खारा, अमरीक सिंह बाजवा, गुरजीत सिंह मान, शरणजीत सिंह रंधावा, दिलबाग सिंह रंधावा, बलदेव सिंह संधू, बलजिंदर सिंह ढिल्लों मौजूद रहे।