विज्ञान को नाटक के माध्यम से किया प्रस्तुत, बणी की टीम रही प्रथम
mahendra india news, new delhi
जिला स्तरीय साइंस ड्रामा प्रतियोगिता में आर.के. स्कूल सिरसा द्वितीय और राजकीय विद्यालय जोधका तृतीय स्थान पर
सिरसा। जिला स्तरीय साइंस ड्रामा प्रतियोगिता का आयोजन मंगलवार को जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल, हिसार रोड, सिरसा में किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न खंडों से ब्लॉक स्तर पर विजेता रही सात टीमों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं समसामयिक विषयों को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच एवं अभिव्यक्ति कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में विवेकानंद सीनियर सैकेंडरी स्कूल, बणी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
आर.के. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिरसा की टीम द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जोधका की टीम तृतीय स्थान पर रही। प्रतियोगिता में खंड बड़ागुढ़ा से आरोही मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल, झिड़ी, खंड सिरसा से आर.के. सीनियर सैकेंडरी स्कूल, सिरसा, खंड नाथूसरी चौपटा से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जोधका, खंड रानियां से विवेकानंद सीनियर सैकेंडरी स्कूल, बणी, खंड ऐलनाबाद से संस्कार सीनियर सैकेंडरी स्कूल, तलवाड़ा, खंड डबवाली से इंडियन हेरिटेज स्कूल तथा खंड ओढ़ा से पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पन्नीवाला मोटा की टीमों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुशासन सहायक पुरु रोहिल्ला तथा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन मुरारी बंसल, वाइस चेयरमैन अजय शर्मा एवं प्रिंसिपल ने मुख्यातिथि तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों ने जिला स्तर पर अपने-अपने खंड का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष साइंस ड्रामा प्रतियोगिता का मुख्य विषय समाज और विज्ञान रखा गया है।
इसके अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रिक वाहन, अंतरतारकीय आवास तथा महासागरों का संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि साइंस ड्रामा का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल तथा विज्ञान को रोचक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित करना है। नाटक के माध्यम से विज्ञान से जुड़े जटिल एवं महत्वपूर्ण विषयों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर विद्यार्थियों को मिलता है।