SIRSA डॉ. भीम राव अम्बेडकर सभा की कार्यकारिणी को लेकर रार, 21 सदस्यीय कमेटी ने पुरानी कार्यकारिणी से मांगा रिकॉर्ड
Mahendra india news, new delhi
सिरसा। बाबा साहेब डॉ. भीम राव अम्बेडकर सभा, बेगू रोड, सिरसा (रजि. नं. 01683/2022) की कार्यकारिणी 2025 में भंग हो चुकी है। कार्यकारिणी भंग होने के पश्चात सबकी सहमति से 742 नए सदस्य बनाए गए और बकायदा उनके सदस्यता शुल्क की राशि सभा के कैशियर को जमा करवाई गई, लेकिन न तो उक्त राशि का कोई हिसाब-किताब दिया जा रहा है और न ही कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं।
उक्त आरोप कार्यकारिणी चुनाव के लिए गठित की गई 21 सदस्यीय समिति के सदस्य एडवोकेट रविंद्र बाल्याण ने शुक्रवार को अंबेडकर भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए लगाए। रविंद्र बाल्याण ने बताया कि चुनावों को लेकर रजिस्ट्रार सोसायटी को भी बकायदा शिकायत पत्र दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 2026 से पहले रेजोल्यूशन पास करके पूर्व की कार्यकारिणी को भंग किया जा चुका है। सभा गवर्निंग बॉडी भंग होने से पूर्व सभा के प्रस्ताव रजिस्टर में प्रस्ताव पारित करते हुए सभा के रजिस्टर्ड पदाधिकारियों द्वारा नया सदस्यता अभियान चलाया गया और सोसाइटीज एक्ट के द्वारा निर्धारित फॉर्म भरवाकर जरूरी दस्तावेज और प्रत्येक सदस्य से दो-दो फोटो भी लिए गए।
मेंबरशिप फॉर्म वर्तमान में सभा के कार्यालय में रिकॉर्ड के तौर मौजूद है, जिसमें लगभग 742 व्यक्तियों को 500/- प्रति व्यक्ति सदस्यता शुल्क लेकर सदस्य बनाया गया तथा कुछ सदस्यों से इसके अतिरिक्त 1200 प्रति वर्ष के हिसाब से पैसा इकट्ठा किया गया। उक्त 742 व्यक्तियों से 500/- की राशि नकद रूप में रशीद देकर प्राप्त की गई है। 742 सदस्यों से 500/- तथा कुछ से 1200 एक्स्ट्रा मासिक सदस्यता शुल्क के अनुसार लगभग 4 लाख रशीद से एकत्रित राशि कोषाध्यक्ष/कैशियर अजय पातलान को जमा करवाई गई, जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं है।
ये है मुख्य मांंगें:
742 (जिसमें 11 रजिस्टर्ड सदस्य भी शामिल है), को उनकी सदस्यता के उपलब्ध रिकॉर्ड एवं अन्य रिकॉर्ड का सत्यापन करके उन्हें सभा के वैध सदस्यों के रूप में रिकॉर्ड में शामिल किया जाए ताकि आगामी चुनाव में उन्हें सदस्यता/मताधिकार से वंचित न किया जाए। सभा के रजिस्ट्रार रिकॉर्ड में दर्ज 11 मूल/रजिस्टर्ड सदस्यों की जांच की जाए। जिनके द्वारा नया सदस्यता अभियान
चलाया गया और 742 सदस्य नए बनाए गए। गवर्निंग बॉडी भंग करने वाले रेजुलेशन होने की तारीख एवं उसके बाद की पूरी कार्यवाही रजिस्टर की जांच की जाए। 742 नए सदस्यों के मेंबरशिप एवं मेंबरशिप रजिस्टर की जांच की जाए। कैशियर अजय पातलान को दी गई राशि का सत्यापन किया जाए। जांच पूरी होने तक 742 सदस्यों को नजरअंदाज करके चुनाव कराने के प्रयास पर रोक लगाई जाए। सभा का पूरा रिकॉर्ड तथा संबंधित सभी रिकॉर्ड रजिस्ट्रार कार्यालय में तलब कर जांचे जाएं।
सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन कब से है, क्या चल अचल संपति है और किन व्यक्तियों के नाम सभा की दुकानें अलॉट है, उन से कितना किराया प्रतिमाह लिया जा रहा है और उस इनकम को कहा खर्च किया जा रहा है ? उसकी जांच की जाए। सोसाइटीज बनने के बाद अब तक कितना ग्रांट, डोनेशन प्राप्त हुआ, उसकी जांच की जाए।
यदि जांच में अध्यक्ष अथवा कैशियर द्वारा सदस्यता राशि या सभा के फंड में किसी प्रकार का दुरुपयोग, गबन, रिकॉर्ड में हेरफेर अथवा अन्य अनियमितता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध हरियाणा रजिस्ट्रशन एंड रेगुलेशन आॅफ सोसायटीज एक्ट, 2012 तथा अन्य लागू कानूनों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। इस मौके पर रिटायर्ड तहसीलदार धर्मपाल खोखर, राजकुमार, सोहन लाल बाजीगर, वकील किलानिया, धर्मपाल पटीर, राय सिंह दारेवाला, छोटूराम, पवन रंगा, दीपक सवारिया, मोहन लाल बरोड़, मोहनलाल फरवाई, धर्मपाल पटीर, सुरेश रंगा, मास्टर अश्वनी, शंकर लाल, राजबीर, शमशेर कटारिया, विनोद कुमार सहित अन्य कमेटी सदस्य उपस्थित थे।