SIRSA की पेयजल व्यवस्था को 123.50 करोड़ की परियोजना से मिलेगी गति: गोबिंद कांडा

 

Mahendra india news, new delhi

वरिष्ठ BJP नेता गोबिंद कांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सिरसा के लिए 123 करोड़ 50 लाख रुपये की महत्वाकांक्षी पेयजल परियोजना को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि करोड़ो रुपए जल परियोजनाओं पर खर्च होंगे और सिरसा के जन - जन को स्वच्छ एवं निर्बाध जलापूर्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने पंजुआना परियोजना को व्यक्तिगत प्रयासों से मंजूर करवा कर शुरू करवाया था। साथ ही गांव और शहर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अन्य महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मंजूर करवाए।


गोबिंद कांडा ने पिछले वर्ष भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों की बैठक ली उस समय उन्होंने मजबूती से शहर के विभिन्न भागों में निरंतर कमजोर होती जलापूर्ति, ठप्प होते ट्यूबवेल और घटते पानी का मुद्दा उठाया था। पूर्व मंत्री गोपाल कांडा एवं स्वयं उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात में सिरसा की पेयजल व्यवस्था को मजबूती देने की मांग उठाई थी। जनहित में ही भाई गोपाल कांडा के निर्देश पर सिरसा में दस पानी के टैंकर भी निशुल्क पेयजल सेवा के लिए लगाए गए।
अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई करते हुए पेयजल के लिए करीब सवा सौ करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।


गोबिंद कांडा ने कहा कि यह योजना शहर के विकास और आमजन की सुविधा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि वर्षों से बढ़ती आबादी और विस्तार लेते शहरी क्षेत्र के कारण पेयजल आपूर्ति को लेकर जो चुनौतियां सामने आ रही थीं, इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद उनका स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। गोबिंद कांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सडक़, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था को भी सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सिरसा की इस बड़ी परियोजना को मंजूरी मिलना इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत शहर के जलघरों का आधुनिकीकरण किया जाएगा, उनकी भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी तथा नई तकनीकों के माध्यम से जल वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

इसके अलावा 13 नए बूस्टिंग स्टेशन बनने से उन क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा जहां अब तक पानी का दबाव कम रहने या नियमित आपूर्ति में परेशानी की शिकायतें आती रही हैं। गोबिंद कांडा ने कहा कि वर्तमान समय में शहरी क्षेत्रों की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक बेहतर पेयजल व्यवस्था है। यदि किसी शहर की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होती है तो वहां के नागरिकों का जीवन स्तर स्वत: बेहतर होता है। इसी दृष्टि से यह परियोजना सिरसा के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि लगभग 56 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल पाइपलाइन नेटवर्क का सुधार और विस्तार किया जाएगा। पुरानी लाइनों को बदला जाएगा और जहां आवश्यकता होगी वहां नई लाइनें बिछाई जाएंगी। इससे पानी की बर्बादी और रिसाव पर भी नियंत्रण लगेगा। साथ ही अंतिम छोर तक रहने वाले नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि सिरसा के अनेक क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढऩे पर दबाव कम होने की समस्या सामने आती रही है। नई परियोजना में जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे भविष्य में ऐसी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।

गोबिंद कांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार केवल घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि धरातल पर परिणाम देने वाली योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार इस योजना को शीघ्र लागू करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चतरगढ़ पट्टी, पंजुआना सहित विभिन्न जलघरों के सुधारीकरण से शहर की पेयजल व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा। आने वाले वर्षों में सिरसा के विस्तार को देखते हुए यह परियोजना दूरदर्शी योजना साबित होगी।

वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। सिरसा में भी विभिन्न क्षेत्रों में विकास परियोजनाएं लगातार स्वीकृत हो रही हैं। पेयजल से जुड़ी यह योजना भी उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।  सिरसा की यह परियोजना भी नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।  गोबिंद कांडा ने उम्मीद जताई कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद सिरसा शहर में पेयजल किल्लत की समस्या पर काफी हद तक अंकुश लगेगा और लोगों को घर-घर तक पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार करना है और सिरसा की यह परियोजना उसी सोच का प्रतिबिंब है।