खेल जीवन की अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व प्रदान करते हैं—प्रो. विजय कुमार

 

चौधरी देवीलाल विश्ववि‌द्यालय, सिरसा के बहुउद्देशीय हॉल में हॉकी के जादू‌गर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर खेल मैदानों में वि‌द्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्ववि‌द्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल जीवन की अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व प्रदान करते हैं। खेल केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि टीम भावना का भी निर्माण करते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय भाग लेना साहिए।


उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और खेल इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रो. विजय कुमार ने कहा कि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में खेल सुविधाओं को और अधिक उन्नत एवं आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर सकें।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को चार हाउसों — मेजर ध्यानचंद हाउस, राज्यवर्धन राठौर हाउस, मिल्खा सिंह हाउस और पी.टी. ऊषा हाउस में विभाजित किया गया और इनके बीच रन फॉर फन, वॉलीबॉल, एरोबिक्स तथा रस्साकशी जैसी रोमांचक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। खेल मैदान में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और बेहतरीन खेल भावना का परिचय दिया।


रस्साकशी प्रतियोगिता लड़कियों में प्रथम स्थान मिल्खा सिंह हाउस व पी.टी. ऊषा हाउस ने प्राप्त किया जबकि रस्साकशी प्रतियोगिता लड़कों में प्रथम स्थान राज्यवर्धन राठौर हाउस ने प्राप्त किया। वॉलीबॉल प्रतियोगिता लड़कों में प्रथम स्थान पी.टी. उषा हाउस ने प्राप्त किया जबकि वॉलीबॉल प्रतियोगिता लडकियों में प्रथम स्थान मिल्खा सिंह हाउस व पी.टी. उषा हाउस ने प्राप्त किया। रन फार फन लडकियों में प्रथम स्थान पर मिल्खा सिंह हाउस की रचना रही, दूसरे स्थान पर मेजर ध्यानचंद हाउस की किरण रही व तीसरे स्थान पर मेजर ध्यानचंद हाउस की रमण दीप कौर रही। लड़कों में प्रथम स्थान पर मिल्खा सिंह हाउस का राजपाल रहा, दूसरे स्थान पर मेजर ध्यानचंद हाउस का विजय रहा और तीसरे  स्थान पर मिल्खा सिंह हाउस का गुरप्रीत सिंह रहा। विजेता खिलाडियों को पुरस्कार दे कर उनका होंसला बढ़ाया गया।


डीन, यूएसजीएस प्रो. सुशील कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। खेलों से ही स्वस्थ शरीर और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
शारीरिक शिक्षा विभाग की अध्यक्ष डॉ. मोनिका वर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी खेल प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेलों में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में सहयोग देने वाले सभी प्राध्यापकों, छात्रों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अतिथियों का स्वागत प्रोफेसर अशोक मलिक ने किया।


विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अशोक शर्मा ने विद्यार्थियों को कहा कि खेल हमें चुनौतियों से लड़ना, धैर्य रखना और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर डॉ. राजेश, डॉ. जगदीश चंद्र, डॉ. सविता ढांडा, डॉ. हंसराम, डॉ. शमशेर कासनिया, डॉ. मनीष, डॉ. चंद्र और डॉ. अंग्रेज सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, छात्र एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।