स्कूली शिक्षा को बर्बाद करने के सरकारी संकल्प के विरोध में 23 सितंबर को करेंगे जोरदार प्रदर्शन - अध्यापक संघ
MAHENDRA INDIA NEWS, चंडीगढ़ -
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य प्रधान प्रभु सिंह,महासचिव रामपाल शर्मा, कैशियर संजीव सिंगला, वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह,उपमहासचिव कृष्ण नैन,संगठन सचिव सुखदर्शन, प्रैस सचिव निशा व कार्यालय सचिव सत्यनारायण यादव ने सयुक्त प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि स्कूली शिक्षा को पूरी तरह बर्बाद करने के सरकारी संकल्प के विरोध में 23 सितंबर को पानीपत स्थित शिक्षा मंत्री कैंप कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र व प्रदेश सरकार दिन प्रतिदिन नए नए ढकोसले कर रही है। हाल ही में जारी फरमान के अनुसार 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाने के निर्देश सभी विभागाध्यक्षकों को दिए गए हैं। जिसके तहत शाम को सरकारी भवनों पर दिए जलाने की नई रीत शुरू की जा रही है ।
स्कूलों में तो इससे आगे बढ़ कर चित्रकला, पेंटिंग व किसी विशेष विषय पर भाषण प्रतियोगिता करवाई जानी है और कई जिलों में तो अध्यापकों को तीन दिनों तक प्राइवेट स्कूलों में ऑन ड्यूटी किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसा तब किया जा रहा जब जनगणना व एसआईआर कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी के चलते अप्रैल से ही सरकारी स्कूलों में पढ़ाई सही से नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का ग्रुपों में मैसेज आया कि स्कूल भवनों पर दिए जलाएं,दीये और तेल हम देंगे। शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षकों को लंबे समय तक स्कूलों से बाहर रख कर सार्वजनिक स्कूली शिक्षा की जड़ों में तेल तो पहले ही दे दिया गया!अभी कोई कसर बाकी है क्या ?9वीं से 12वीं के प्रश्न पत्र तो विभाग भेज नहीं पाया और इसकी वजह से जुलाई माह की परीक्षा को तीन बार स्थगित किया गया और अंत में रद्द ही करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि एक तरफ तो इस तरह की सरकारी ड्रामेबाजी चल रही है और दूसरी तरफ हजारों की संख्या में स्कूलों को मर्ज करने व टेट परीक्षा पास करने के नाम पर प्रदेश में 25 हजार शिक्षकों की छंटनी करने की तैयारी चल रही है। नियमितीकरण , पुरानी पेंशन बहाली सहित शिक्षकों/ कर्मचारियों की अहम मांगो की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के न ढकोसले न करे और गैर शैक्षणिक कार्यों पर रोक लगाते हुए शिक्षकों को केवल पढ़ाने दे, जिससे जनशिक्षा बची रह सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के गैर शैक्षणिक फरमानों का विरोध किया जाएगा और प्रदेश के हजारों शिक्षक 23 सितंबर को पानीपत स्थित शिक्षा मंत्री कैंप कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे।