भारत के लोकतांत्रिक स्वभाव और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रतीक है संविधान: डा. सुगन सिंह

 

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सिरसा। सीएमआरजे राजकीय महाविद्यालय मिठी सुरेरां में संविधान दिवस बड़े ही उत्साह से मनाया गया। यह कार्यक्रम प्राचार्य डा. सज्जन कुमार के मार्गदर्शन में एनएसएस इकाई तथा राजनीति विज्ञान एवं इतिहास विषय परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। महाविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी डा. जोगिंद्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डा. सुगन सिंह ने विद्यार्थियों को संविधान की प्रस्तावना के मूल्यों न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावना हमारे संविधान की आत्मा है और प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह इसके सिद्धांतों का सम्मान करे और उन्हें अपने जीवन में उतारे। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक स्वभाव और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रतीक है।

विद्यार्थियों को संविधान के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनने का संदेश दिया गया। इस मौके पर प्रो. सावन कुमार, प्रो. अशोक कुमार, डा. कविता चौधरी, डा. पूजा उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संविधान के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।