सब्जियों पर MSP देने का दावा करने वाली केरल की सीपीआई (M) सरकार किसानों से 5 महीने पहले खरीदे धान का भुगतान नहीं कर पा रही: लखविंदर सिंह औलख
mahendra india news, new delhi
सिरसा। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि केरला के कन्नूर जिले के तालुका ईरिट्टी में राष्ट्रीय किसान कन्वेंशन रखी गई, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक से सुखजीत सिंह हरदोझंडे, केवी बीजू, लखविंदर सिंह औलख और अंग्रेज सिंह बूटेवाला ने शिरकत की। केरल के किसानों ने उन्हें बताया कि वन्य प्राणियों द्वारा उनकी फसलें उजाड़ दी जाती है और जंगली जानवरों के आतंक से कई किसानों की जान गई, सैंकड़ों किसान जख्मी हुए हैं। केरल के किसानों, मजदूरों में सीपीआई (एम) सरकार के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली।
उन्होंने बताया कि सब्जियों पर एमएसपी देने का दावा करने वाली सरकार पिछले पांच महीने से हमें सरकार द्वारा खरीदे हुए धान की पेमेंट नहीं कर पा रही है। सरकार किसानों से धान खरीद कर उन्हें पी आर एस (धान प्राप्ति रसीद) देती है, उस रसीद की एवज में किसान बैंकों से लोन लेते हैं। 9-10 महीने बाद सरकार खरीदे हुए धान की पेमेंट बैंकों में किसानों के लोन खातों में सीधा भुगतान करती है। इससे किसान को अपनी फसल की पेमेंट पर ही ब्याज देना पड़ता है।
एक तरफ तो सरकार फसल लेकर उसकी पेमेंट नहीं करती है और किसानों को अपनी ही पेमेंट का बैंकों को ब्याज भरना पड़ता है। औलख ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी देश के दूसरे हिस्सों में किसानों, मजदूरों की बात करती है, लेकिन केरल में उनकी सरकार होने के बावजूद भी किसानों-मजदूरों को अत्यधिक मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। कोई भी राजनीतिक पार्टी हो, सत्त्ता मिलते ही जनता से किए सारे वादे भूल जाती है।