विश्वास में ही परमात्मा का वास, सच्ची श्रद्धा से मिलता है जीवन को सही मार्ग: बाबा ब्रह्मदास

 

Mahendra india news, new delhi
 विश्वास में ही परमात्मा का वास होता है। जिस व्यक्ति के मन में ईश्वर के प्रति सच्ची श्रद्धा और विश्वास होता है, वह जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों का भी धैर्य के साथ सामना कर सकता है। मनुष्य को परमात्मा पर भरोसा रखते हुए सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए, क्योंकि सच्चे कर्म और निर्मल मन ही व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति की ओर ले जाते हैं। उक्त प्रवचन मुख्य डेरा बाबा भूमण शाह ग्राम बाबा भूमण शाह (संघर धाम) के गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज ने ऐलनाबाद नई अनाज मंडी में पावन भक्ति सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए कहे।

उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी प्रकार की बुराई का अंत स्वजन मिलकर कर सकते हैं। इसलिए सभी को एक होकर समाज में व्याप्त बुराईयों को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रयास करना चाहिए, ताकि हर घर में खुशहाली रहे। बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि हर किसी को परमात्मा की भक्ति में लीन रहना चाहिए। भक्ति में जाति, धर्म, भेदभाव अमीर-गरीब, बच्चा-बुढ़ा कोई भी परमात्मा की भक्ति करके अपना जीवन सफल बना सकता है। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा ब्रह्मदास ने कहा कि परमात्मा को प्राप्ति के लिए अमीर या बलवान होना आवश्यक नहीं है, बल्कि भक्ति व कठोर तपस्या से परमात्मा को प्राप्त किया सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का प्रयास करना चाहिए,

ताकि स्वच्छ धरा हम सबके लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशा नाश का दूसरा नाम है, इससे तन-मन-धन सब बेकार हो जाते हैं। इसलिए हमें हमेशा नशे से दूर रहना चाहिए। बाबा ब्रह्मदास ने कहा कि हर अभिभावक व समाज के प्रबुद्धजनों को बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिएं, ताकि बच्चे ही राष्ट्र के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि केवल धार्मिक अनुष्ठान करना ही भक्ति नहीं है। जरूरतमंद की सहायता करना, भूखे को भोजन देना, दुखी व्यक्ति को सांत्वना देना और किसी के प्रति द्वेष न रखना भी सच्ची भक्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अहंकार, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों से दूर रहकर प्रेम, भाईचारे और मानव सेवा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर डेरे के सचिव ने बताया कि अनेक धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बाबा ब्रह्मदास महाराज की का आशीर्वाद लिया और सत्संग का श्रवण किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने लंगर का प्रसाद भी ग्रहण किया।