हिंदी का परचम उड़ा, उच्च गगन की ओर। हिंदी की बिंदी सजी, आभा दिनकर भोर
mahendra india new delhi
विश्व में हिंदी तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जिसके वक्ताओं की संख्या दुनिया में कुल मिलाकर बहुत अधिक है। यह दुनिया भर में एक प्रभावशाली और प्रसार पाती भाषा के रूप में उभरी है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझा और बोला जाता है, और यह भारत के अलावा फिजी, नेपाल, मॉरीशस जैसे देशों में भी बोली जाती है। भारतेंदु हरिश्चंद्र को 'आधुनिक हिंदी साहित्य का जनक' कहा जाता है।
हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा के महत्व को समझाने और उसे प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है।14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इस दिन, संविधान के निर्माताओं ने अनुच्छेद 343 के तहत यह तय किया कि देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा होगी।
उक्त उद्गार श्री राम न्यू सतलुज सीनियर सेकेंडरी स्कूल मे हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विद्यालय निदेशिका श्री मति शशि सचदेवा ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए प्रकट किए। इस अवसर पर विद्यार्थियों में विभिन्न प्रकार की स्पर्धाएं कराई गई।
कक्षा नूतन व प्रवेश वाटिका में श्रुतलेख, कक्षा उपवन से दूसरी कक्षा तक सुलेख लेखन ,कक्षा तीसरी में चौथी में रामायण पर आधारित प्रश्नोत्तरी, कक्षा पांचवी व छठी में रीडिंग मैराथन, कक्षा सातवीं व आठवीं में वर्ग पहेली गतिविधि तथा बूझो तो जानो, कक्षा नवमी व दसवीं में नारा लेखन, कक्षा 11वीं व 12वीं में विद्यार्थी जीवन में विद्यालय व अध्यापक का महत्व निबंध लेखन करवाया गया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। प्रशासिका श्री मति देवयानी मेहता ने उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रोहताश शर्मा, राकेश भाटिया, उमेश,रजत गुप्ता, जन्नत,गीतु मैहता, सरोज सचदेवा उपस्थित थे मंच संचालिका की भूमिका श्री मति रीटा सोनी ने बखूबी निभाई