पटवारी की पैमाइश में स्कूल के नाम निकली जमीन, आरटीआई में शिक्षा विभाग ने झाड़ा पल्ला, स्कूल की जमीन पर नहीं कोई कब्जा
mahendra india news, new delhi
सिरसा। गांव रोहण में सरकारी स्कूल की भूमि पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा काश्त की जा रही थी, जिसका खुलासा गांव के ही हरप्रीत सिंह द्वारा आरटीआई के तहत मांगी जानकारी में हुआ है। मजे की बात ये है कि स्कूल प्रशासन व शिक्षा विभाग को स्कूल की भूमि बारे अभी कोई जानकारी ही नहीं है। जिससे ये साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग के अधिकारी सरकारी भूमि को लेकर कितने संजीदा हैं। गांव के पटवारी की देखरेख में जब पैमाइश करवाई गई तो इस बात का खुलासा हुआ। अब जो जमीन सरकारी स्कूल के हिस्से में आई है, उसे किसान ने खाली कर स्कूल के सुपुर्द कर दिया है।
ये मांगी थी आरटीआई में जानकारी:
गांव रोहण निवासी हरप्रीत सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6 (1) के तहत गांव रोहण स्थित राजकीय प्राइमरी व मिडल स्कूल की मलकीयती सरकारी भूमि पर मौजूद अवैध कब्जों को हटवाने के संबंध में स्कूल प्रशासन व विभाग द्वारा अब तक की जा चुकी तमाम विभागीय कार्यवाही का सत्यापित विवरण, लगभग एक साल पहले करवाई गई भूमि की मौका निशानदेही में स्कूल भूमि पर अवैध कब्जों की पुष्टि हो चुकने के बाद स्कूल प्रशासन द्वारा उक्त भूमि को बजरिया फैंसिंग/चारदीवारी करवाकर संरक्षित न करवाने के कारणों की सही, स्पष्ट व तर्कसंगत जानकारी तथा इस आपराधिक कौताही व लापरवाही के लिए जिम्मेदार स्कूल प्रशासन/विभागीय अधिकारियों का उनके नाम, पदनाम सहित पूरा विवरण व स्कूल प्रशासन/विभाग द्वारा अवैध कब्जाग्रस्त उक्त स्कूल भूमि को अपने कब्जा में लेकर इस भूमि की फैसिंग/चारदीवारी भूमि को समयबद्ध रूप से कब तक संरक्षित कर दिया जाएगा के संबंध में जानकारी मांगी थी।
पंचायत की पैमाइश में ये निकली भूमि:
हरप्रीत सिंह ने बताया कि पंचायती तौर पर जब गांव रोहण स्थित स्कूल की जमीन की पैमाइश पूर्व सरपंच गुरजंट सिंह, अवतार सिंह चौकीदार, चमकौर सिंह, जगसीर सिंह पूर्व सरपंच, पटवारी दर्शन सिंह, चरण सिंह व स्कूल स्टाफ की गिनरानी में करवाई गई तो गांव निवासी राज सिंह के खेत से 35 फुट चौड़ाई और 2 एकड़ लंबाई की जमीन स्कूल के नाम निकली। पंचायती हस्तक्षेप के बाद राज सिंह ने उक्त जमीन को छोड़ दिया है।
ये दिया स्कूल प्रबंधन ने जवाब:
हरप्रीत सिंह ने बताया कि स्कूल की जमीन संबंधी जब उसने शिक्षा विभाग में आरटीआई लगाकर जानकार मांगी तो बड़ागुढ़ा बीईओ व स्कूल प्रबंधन का जवाब हैरानीजनक था। उन्होंने अपने बयान में साफ लिख दिया कि स्कूल की भूमि पर कोई कब्जा नहीं है। शिक्षा विभाग व स्कूल प्रबंधन नेकभी जमीन की पैमाइश नहीं करवाई, जिससे स्पष्ट होता है कि स्कूल की भूमि को लेकर न तो शिक्षा विभाग व न ही स्कूल प्रबंधन संजीदा है।