स्वामी विवेकानंद स्कूल अरनियावाली के संस्थापक महावीर प्रसाद खोथ की 14वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित
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अरनियावाली। स्वामी विवेकानंद स्कूल अरनियावाली के संस्थापक एवं समाजसेवी स्वर्गीय महावीर प्रसाद खोथ की 14वीं पुण्यतिथि पर विद्यालय परिसर में उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर उनके जीवन, संघर्ष और समाजसेवा के कार्यों को याद किया गया।
विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण खोथ ने महावीर प्रसाद खोथ के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 1942 में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना करते हुए समाज में अपनी अलग पहचान बनाई। किसान परिवार में जन्मे महावीर प्रसाद ने नौवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद विभिन्न व्यवसायों से जुड़े।
डॉ. रामकृष्ण खोथ ने बताया कि महावीर प्रसाद खोथ शिक्षा, गौसेवा, समाजसेवा और किसानों के हितों के लिए सदैव सक्रिय रहे। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा गांवों के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर वे सरकार एवं प्रशासन के साथ निरंतर संवाद करते रहे। उनका व्यक्तित्व अत्यंत सहनशील, सरल और समाज के प्रति समर्पित था।
उन्होंने बताया कि महावीर प्रसाद खोथ ने अपने परिवार के साथ-साथ समाज के लिए भी एक ऐसी विरासत छोड़ी, जिसे आज उनके परिवार की नई पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। आज उनके परिवार के 21 सदस्य विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
उनके चार पुत्र अपने-अपने व्यवसाय के माध्यम से परिवार की जिम्मेदारियों को आगे बढ़ा रहे हैं। रामचंद्र खोथ राइस मिल व्यवसाय से जुड़े हैं, जिनमें आसमा राइस मिल एवं अंजनी राइस मिल प्रमुख हैं। वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी व्यवसाय एवं सामाजिक कार्यों के माध्यम से क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उसांजी ट्रेडिंग कंपनी, सिरसा तथा श्रीगंगानगर सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से परिवार व्यवसाय के साथ-साथ समाजसेवा में भी योगदान दे रहा है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने महावीर प्रसाद खोथ के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि उनका संघर्षपूर्ण जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है।