टीम बीकेई ने एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया खाद गट्टों में बदलकर टेक्निकल ग्रेड में बेचने वालों पर करवाई कार्रवाई: लखविंदर सिंह औलख

 

 विभागीय अधिकारियों की टीम व डायल 112 पहुंची मौके पर
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई टीम) ने सूचना के आधार पर एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया खाद गट्टों में बदलकर टेक्निकल ग्रेड में बेचने वाले लोगों को रंगे हाथों पकड़ा है। टीम ने इस संबंधी विभाग की टीम को भी सूचित किया, ताकि आरोपियों पर कार्रवाई की जा सके। बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि गुप्त सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई की यूरिया खाद की कालाबाजारी हो रही है।

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खेती में प्रयोग होने वाली यूरिया खाद जोकि 45 किलो के गट्टे किसानों को सब्सिडी पर दिए जाते हैं, उन्हें हिमांशु उर्फ मासूम पुत्र पवन गर्ग तथा उसके साथियों द्वारा गलत तरीके से भंबूर गांव के पास भैंसों के नोहरे में 50 किलो के सफेद गट्टों में भरकर उन पर टेक्निकल ग्रेड का मार्का लगाकर राजस्थान नंबर के बड़े कंटेनर (आरजे 18जीबी 7384) गाड़ी में लोड किया जा रहा है। सूचना के आधार पर वे स्वयं, बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली तथा राज्य कार्यकारिणी सदस्य गुरपिंदर सिंह काहलों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि सफेद गट्टों में यूरिया खाद गाड़ी में लोड हो रही है।

अंग्रेज सिंह ने तुरंत उप कृषि निदेशक सुखदेव सिंह को शिकायत की कि सफेद गट्टों में अवैध रूप से यूरिया खाद कंटेनर में लोड की जा रही है तथा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को भी बुला लिया गया। शिकायत के बाद मौके पर आईपीएस अधिकारी शिवम, एस आई सत्यवान, गुण नियंत्रण निरीक्षक अमित कुमार, विषय विशेषज्ञ राकेश कुंट, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी विजेंद्र चौहान, जीएसटी विभाग से ईटीओ सुरेंद्र गोदारा पहुंच गए, जिन्होंने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से 50 किलो के गट्टों में भरी गई यूरिया खाद को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी। औलख ने कहा कि कई दिनों से यूरिया खाद अवैध रूप से बाहरी राज्यों की फैक्ट्रीयों में ब्लैक में बेची जाने की सूचनाएं मिल रही थी।

यह यूरिया खाद 45 किलो की पैकिंग में 266.50 रुपए एमआरपी कृभको कंपनी की मई 2026 की बनी हुई थी, जो की गट्टे पलटकर 50 किलो के गट्टों में भरकर टेक्निकल ग्रेड का मार्का गाकर राजस्थान के कोटा में भेजी जा रही थी। यह सतनाम ट्रेडर्स, कांडा कॉलोनी, रानिया रोड सिरसा द्वारा फर्जी बिल न. एसटी-07 दिनांक 30 जून 2026 तथा ई ई-वे बिल नंबर 3522 6186 8360 के माध्यम से चौहान इनोवेशन सरस्वती एनक्लेव कंसुआ, कोटा राजस्थान में भेजी जा रही थी। एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया पर 5 प्रतिशत जीएसटी है, जबकि टेक्निकल ग्रेड की यूरिया पर 18 प्रतिशत जीएसटी है।

किसानों का हक छीनने वाले लुटेरों द्वारा धोखाधड़ी के साथ-साथ फर्जी जीएसटी स्कैन भी किया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन तथा हरियाणा सरकार से आह्वान किया कि इस खेल के पीछे छुपे सभी लुटेरों का पदार्फाश किया जाए तथा उन पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसान को यूरिया खाद मिल सके। संयुक्त टीम द्वारा यूरिया खाद के कंटेनर को सदर थाना में आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।