डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भवन के सेमिनार हॉल में खेल प्रशिक्षण के वैज्ञानिक सिद्धांत विषय पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, SIRSA के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज द्वारा BSC. शारीरिक स्वास्थ्य एवं खेल शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भवन के सेमिनार हॉल में खेल प्रशिक्षण के वैज्ञानिक सिद्धांत विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, पाली (महेंद्रगढ़) के शारीरिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर रविंदर पाल अहलावत ने खेल प्रशिक्षण के वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक प्रतिस्पर्धी खेलों में सफलता केवल कड़े अभ्यास से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किए गए प्रशिक्षण से संभव है। उन्होंने प्रशिक्षण के प्रमुख सिद्धांतों प्रगतिशील भार (Progressive Load), व्यक्तिगत अंतर (Individual Differences), विशिष्टता (Specificity) तथा पुनर्प्राप्ति (Recovery) को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि इन सिद्धांतों का समुचित पालन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को न केवल बेहतर बनाता है, बल्कि चोट के जोखिम को भी कम करता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूएसजीएस के डीन प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई ने बताया कि यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशा निर्देशन में किया गया और ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से इतर नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों और व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ते हैं, जो उन्हें भविष्य के सफल खेल प्रशिक्षक और शारीरिक शिक्षा विद बनने में सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय प्राध्यापक डॉ. शमशेर कासनिया द्वारा किया गया। व्याख्यान के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र में विद्यार्थियों ने विभिन्न जिज्ञासाएँ रखीं, जिनका प्रो. अहलावत ने सहज एवं प्रभावशाली ढंग से समाधान किया। इस अवसर पर डॉ. राजेश, डॉ. जगदीश भादू, डॉ. मनीष बेनीवाल, डॉ. नवीन, डॉ. सूरज सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।