सीडीएलयू का 13वां त्रिवेणी युवा महोत्सव, एमएम पीजी कॉलेज, फतेहाबाद ने जीती ओवरऑल ट्रॉफी; शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज, सिरसा दूसरे और सीडीएलयू के यूटीडी ने हासिल किया तीसरा स्थान
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
युवा ऊर्जा, सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक अभिव्यक्ति के रंगों से सराबोर चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा का चार दिवसीय 13वां त्रिवेणी युवा महोत्सव उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हो गया। ‘युवा उमंग, संस्कृति के संग’ थीम पर आयोजित इस महोत्सव में लगभग दो हजार विद्यार्थियों ने 34 विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. आर.पी. सैनी मुख्य अतिथि रहे, जबकि सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने समारोह की अध्यक्षता की।
समारोह में SIRSA के DC शांतनु शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिरसा पुनीश जिंदिया, भारतीय वायु सेना, सिरसा के विंग कमांडर प्रशांत, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश कुमार बांसल, सीडीएलयू के कुलसचिव डॉ सुनील कुमार तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया।
युवा महोत्सव विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम : प्रो. आर.पी. सैनी
मुख्य अतिथि प्रो. आर.पी. सैनी ने CDLU SIRSA में आयोजित त्रिवेणी युवा महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि चार दिनों तक चले इस आयोजन में हरियाणवी संस्कृति और भारतीय लोक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। सीडीएलयू में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और उनके व्यवहार को देखकर यह विश्वास मजबूत होता है कि विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों को भी महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि विद्यार्थी अपनी उपलब्धियों के माध्यम से परिवार, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करें। उन्होंने सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार का विशेष आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
युवा शक्ति को संस्कृति और सकारात्मक सोच से जोड़ना आवश्यक : प्रो. विजय कुमार
समारोह की अध्यक्षता करते हुए सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि त्रिवेणी युवा महोत्सव विश्वविद्यालय की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें शिक्षा के साथ कला, संस्कृति और व्यक्तित्व विकास को समान महत्व दिया जाता है। युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ‘युवा उमंग, संस्कृति के संग’ की थीम भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सार्थक संदेश देती है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिरसा पुनीश जिंदिया ने कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ अनुशासन, धैर्य, आपसी सहयोग, नैतिक मूल्यों और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।
विद्यार्थी जीवन में चेतना का विकास करने में सहायक हैं ऐसे आयोजन : विंग कमांडर प्रशांत
भारतीय वायु सेना, सिरसा के विंग कमांडर प्रशांत ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में चेतना, जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करने में ऐसे सांस्कृतिक आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवा महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ अनुशासन, आपसी सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी का अनुभव करने का अवसर देते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और समर्पण को बनाए रखें तथा भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ाएं। त्रिवेणी युवा महोत्सव के दौरान पद्मश्री महावीर गुड्डू की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। उन्होंने अपनी विशिष्ट लोककला, दमदार प्रस्तुति और हरियाणवी सांस्कृतिक रंगों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सामूहिक प्रयासों से सफल हुआ चार दिवसीय आयोजन
13वें त्रिवेणी युवा महोत्सव के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, प्राध्यापकों, आयोजन समिति के सदस्यों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के समन्वयकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। युवा कल्याण निदेशक प्रो. मंजू नेहरा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सुरेंद्र सिंह, ऑब्जर्वर प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई, कल्चरल कोऑर्डिनेटर प्रो. रंजीत कौर, प्रो. अमित सांगवान, प्रो. रविंद्र, राजेश छिकारा, ब्रह्मजीत सिंह तथा आनंद शर्मा ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके समन्वय, मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयासों से महोत्सव की विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, कलात्मक एवं मंचीय गतिविधियों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित हुआ।
MM PG कॉलेज, फतेहाबाद ने जीती ओवरऑल ट्रॉफी
समापन समारोह का प्रमुख आकर्षण पुरस्कार वितरण रहा। एमएम पीजी कॉलेज, फतेहाबाद ने ओवरऑल ट्रॉफी हासिल की। शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज, सिरसा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि सीडीएलयू के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी), सिरसा ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विधावार परिणामों में भी एमएम पीजी कॉलेज, फतेहाबाद का शानदार प्रदर्शन रहा। कॉलेज ने थिएटर, संगीत और ललित कला की ट्रॉफियां अपने नाम कीं। वहीं, नृत्य विधा में शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज, सिरसा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार संगीत में शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज, सिरसा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पर यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी), सिरसा ने थिएटर, नृत्य और ललित कला में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेता संस्थानों और प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनकी मेहनत, लगन, अनुशासन और रचनात्मकता का उत्साहवर्धन किया गया।