स्वामी विवेकानंद स्कूल अरनियांवाली के छात्रों ने स्वतंत्रता सेनानियों के स्वजनों को लिखा पत्र
mahendra india news, new delhi
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव अरनियांवाली निवासी स्वामी विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने देश की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के स्वजनों को पत्र लिखा। स्कूल के छात्रों ने चौपटा क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों के स्वजनों को लिखा पत्र गांव लुदेसर के बालाराम गाट, मामनराम, बदरीराम, रामकिशन, तुलसीराम, रूपावास गांव से मौजीराम व भागूराम, ढूकड़ा से सुरजा राम, कुम्हारियां से धनराज, मानक दिवान से बहादुर सिंह, दड़बा कलां से रामजस खोड, जसानिया से मनीराम, रामपुर बगड़ियां से मुंशीराम, अलीमोहम्मद से मोहनाराम, चाहरवाला गांव से जगमाल सिंह व बिसना राम, गुसाईआना से श्योकरण सिंह व बदरीराम को पत्र लिखा।
स्वामी विवेकानंद स्कूल के छात्रों ने स्वजनों को लिखें पत्र में लिखा कि हमें देश की आजादी ऐसे ही नहीं मिली। इसमें आपके घर जन्म स्वतंत्रता सेनानियों का भी अहम योगदान रहा है। देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के जुल्मों सितम से लड़ने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों का बड़ा योगदान रहा है। क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों को न केवल युद्ध के मैदान में शिकस्त दी, बल्कि बुद्धि के मामले में भी करारा जवाब दिया और हरा कर दिखाया।
स्कूल की निदेशक रामकिशन खोथ ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल बजाकर लड़ते हुए जीत भी हासिल की। स्वतंत्रता सेनानियों ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस के साथ विदेश में साथ रहे। स्वतंत्रता सेनानियों ने विदेशी सामान के बहिष्कार के आंदोलन में भाग लेकर बोस्टल जेल लाहौर में कई महीने की सजा भी काटी है।