डायबिटीज क्या है, डायबिटीज़ में क्या खाएं? जानिए आसान और संतुलित डाइट चार्ट

 

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डायबिटीज के रोगी आज के समय में बढ़ रहे हैं। इससे उनके खानपान पर विशेष असर पड़ रहा है। डायबिटीज के रोगी हर कोई चीज नहीं खा सकते हैं। डा. ऊर्जा सचदेवा ने बताया कि डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जो अगर कंट्रोल में रहे, तो इंसान एक सामान्य जीवन जी सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है सही खानपान। अक्सर डायबिटीज़ के मरीज़ यह सोचते हैं कि अब उन्हें कुछ स्वादिष्ट नहीं मिल सकता या खाना बहुत सीमित हो जाएगा। जबकि सच यह है कि आप संतुलित डाइट से अपने शुगर लेवल को कंट्रोल में रख सकते हैं और स्वाद से भी समझौता नहीं करना पड़ेगा।

इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि डायबिटीज़ के रोगों को क्या खाना चाहिए और किन चीज़ों से बचना चाहिए। साथ ही जानेंगे एक ऐसा आसान डाइट चार्ट जो सुबह से रात तक नहीं, बल्कि फूड ग्रुप्स के हिसाब से तैयार किया गया है।

डायबिटीज क्या है?
डा. ऊर्जा सचदेवा ने बताया कि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर (ग्लूकोज़) का स्तर सामान्य से ज़्यादा हो जाता है। यह तब होता है जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता। इंसुलिन एक हार्मोन है जो शुगर को एनर्जी में बदलने में सहायता करता है। जब यह प्रक्रिया सही तरीके से नहीं होती, तो शुगर खून में जमा होने लगती है और समय के साथ यह दिल, किडनी, आँखों और नसों को नुकसान पहुँचा सकती है। भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और सही खान-पान और जीवनशैली अपनाकर इसे कंट्रोल में रखा जा सकता है।

डायबिटीज़ में क्या खाएं?
डायबिटीज़ में सबसे ज़रूरी है ब्लड शुगर को स्थिर रखना। इसके लिए फाइबर, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स को अपने खाने में शामिल करना चाहिए। नीचे हर फूड ग्रुप के अनुसार बताया गया है कि क्या खाना चाहिए:

 

अनाज 
गेहूं की रोटी, बाजरा, ज्वार, रागी
ओट्स, ब्राउन राइस, दलिया
साबुत अनाज से बनी चीज़ें
ये अनाज धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढऩे देते।

इनके से बचें: मैदा, वाइट ब्रेड, रिफाइंड चीज़ें जैसे पास्ता या नूडल्स।

 

दालें और प्रोटीन स्रो
मूंग दाल, मसूर दाल, चना, राजमा
लो-फैट दूध, पनीर, टोफू
अंडा (सफेद भाग), चिकन (ग्रिल्ड या बॉइल्ड)
बचें: ज्यादा ऑयली दाल तडक़ा, फ्राइड मीट, प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज।

प्रोटीन शरीर को ताकत देता है और भूख को देर तक कंट्रोल में रखता है।

 

फल  
सेब, अमरूद, नाशपाती, बेरीज़, कीवी
संतरा, अनार (कम मात्रा में)
पपीता और खरबूजा (मॉडरेशन में)
बचें: केला, अंगूर, आम, और जूस – ये शुगर में तेजी से इजाफा कर सकते हैं।

फल फाइबर से भरपूर होते हैं, लेकिन ज्यादा मीठे फल नहीं खाने चाहिए।

 

सब्जय़िाँ  
हरी पत्तेदार सब्जय़िाँ: पालक, मेथी, सरसों
टमाटर, खीरा, गाजर, लौकी, तोरई
फूलगोभी, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च
बचें: आलू, शकरकंद, अरबी जैसी स्टार्च वाली सब्जय़िाँ।

सब्जय़िाँ फाइबर का सबसे अच्छा स्रोत हैं और इनसे शुगर कंट्रोल में रहता है।

 

हेल्दी फैट्स
बादाम, अखरोट, अलसी के बीज
ऑलिव ऑयल, सरसों का तेल (कम मात्रा में)
एवोकाडो (अगर उपलब्ध हो)
बचें: घी, बटर, क्रीम, डीप फ्राई खाना

हेल्दी फैट्स हार्ट के लिए अच्छे होते हैं और डायबिटीज़ में भी मदद करते हैं।

 

डेयरी उत्पाद
लो-फैट दूध या टशठ्ठद्गस्र द्वद्बद्यद्म
लो-फैट दही, छाछ
बचें: फुल क्रीम दूध, मीठा दही, कस्टर्ड, फ्लेवर वाला दूध।

डेयरी में कैल्शियम होता है, लेकिन फैट कंट्रोल में रखना जरूरी है।

 

डायबिटीज़ में क्या नहीं खाना चाहिए?
कुछ चीज़ें डायबिटीज़ में पूरी तरह से टालनी चाहिए, जैसे:

मीठा: मिठाई, केक, बिस्किट, मिठे ड्रिंक्स
पैकेज्ड फूड: नमकीन, चिप्स, फ्रोजऩ स्नैक्स
सॉफ्ट ड्रिंक्स और जूस (भले ही फ्रूट जूस हो)
शराब और सिगरेट (ब्लड शुगर असंतुलित करते हैं)
 

अतिरिक्त टिप्स
एक बार में ज्यादा न खाएं, छोटे-छोटे मील्स लें।
खाना कभी स्किप न करें, इससे शुगर लेवल गिर सकता है।
हर दिन थोड़ी बहुत फिजिकल एक्टिविटी ज़रूर करें – जैसे वॉकिंग, योगा।
पानी खूब पीएं। डिहाइड्रेशन से शुगर लेवल बढ़ सकता है।
 

क्यों ज़रूरी है डायबिटीज़ में सही डाइट?
डायबिटीज़ सिर्फ शुगर की बीमारी नहीं है, यह दिल, किडनी और आंखों को भी प्रभावित कर सकती है। सही डाइट से:

शुगर कंट्रोल रहता है
वजन कंट्रोल में रहता है
दिल की बीमारी का खतरा कम होता है
दवाओं की ज़रूरत भी कम हो सकती है
 

कौन-सा अस्पताल है डायबिटीज़ के लिए सबसे अच्छा?
अगर आप जयपुर में रहते हैं और डायबिटीज़ की सही जांच, डाइट प्लान और इलाज चाहते हैं तो आपको सही हॉस्पिटल चुनना चाहिए। अपने क्षेत्र के अनुभवी डॉक्टर, डायटीशियन और डायबिटिक केयर सेंटर की सुविधा वाले अस्पताल को चुनना ज़रूरी है।


डायबिटीज़ को लेकर सही जानकारी और नियमित जांच ही इस बीमारी से लडऩे का सबसे अच्छा तरीका है।

 

निष्कर्ष
डायबिटीज़ के मरीज कोई भी वस्तु खाने से पहले चिकित्सक की जरूरत सलाह लें। इसी के साथ ही अगर संतुलित और सही डाइट अपनाएं, तो वे एक हेल्दी और एक्टिव जिंदगी जी सकते हैं। जरूरत है सिर्फ थोड़ी जागरूकता और डिसिप्लिन की। खाने से जुड़ी आदतें अगर सुधार ली जाएं, तो दवाओं की ज़रूरत भी कम हो सकती है।