फिट दिखने वाले युवाओं को भी क्यों हो रहा हार्ट अटैक, ये है बड़ी वजह

 

mahendra india news, new delhi

आजकल हर कहीं पर सुनने को मिल रहा है कि हार्ट अटैक से मौत हो गई। पहले जहां हार्ट अटैक का बात आती है तो अधिकतर लोगों के मन में किसी बुज़ुर्ग की छवि उभरती थी। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और युवा भी तेज़ी से इसका शिकार बन रहे हैं। नौजवानों में कई बार कोई चेतावनी संकेत नहीं आते। उन्हें अचानक ही हार्ट अटैक आ जाता है।

लेकिन उम्रदराज़ लोगों में हार्ट अटैक से पहले कई चेतावनी संकेत दिखाई देते हैं, जैसे चलने पर सांस फूलना, सीढय़िां चढ़ते समय सांस फूलना और छाती में भारीपन महसूस होना.

चिकित्सक डा. संदीप ने बताया कि अगर युवाओं की बात करें तो तो उनमें अक्सर ये लक्षण दिखाई नहीं देते. उन्हें अचानक ही हार्ट अटैक आता है।

अगर किसी को चलते समय सांस फूलने लगे और छाती में भारीपन महसूस हो, तो उसे डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए.

हार्ट अटैक का दर्द छाती की बीच वाली हड्डी के आसपास होता है. यह दर्द जबड़े तक भी जा सकता है. यह दाएं और बाएं दोनों बाजुओं में भी महसूस हो सकता है.

पेट के निचले हिस्से में भी दर्द हो सकता है. कई बार लोग इसे केवल पेट दर्द समझकर नजऱअंदाज़ कर देते हैं. ऐसा नहीं करना चाहिए।

हार्ट अटैक से जुड़ी एक और बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि जब किसी को हार्ट अटैक आ रहा हो, तो जितनी जल्दी चिकित्सा सहायता ली जाए, उतनी जल्दी उसका इलाज किया जा सकता है.

कई बार कोई व्यक्ति बाहर से पूरी तरह फ़िट और तंदुरुस्त दिखाई देता है, लेकिन उसके भीतर दिल से जुड़ी गंभीर समस्याएं विकसित हो रही होती हैं। 

दिल को स्वस्थ रखने के लिए युवाओं को क्या करना चाहिए?
सबसे अधिक ज़रूरी है कि हर प्रतिदिनकसरत की जाए. काम की जगह पर भी कोशिश करें कि लिफ्ट की बजाय सीढय़िों का इस्तेमाल करें. साथ ही शारीरिक गतिविधियां करते रहेंद्ध 

प्रतिदिन 30 से 40 मिनट पैदल चलना बहुत ज़रूरी है. कोशिश करें कि 10 से 12 मिनट में एक किलोमीटर की दूरी तय की जाए।


खानपान का भी विशेष ध्यान रखें.
इसी के साथ ही सेहत पर ध्यान देना भी बहुत ही जरूरी है। फल और सब्जय़िां खाएं. अंडा खाना भी अच्छा है. ड्राई फ़्रूट्स को भी अपने आहार में शामिल करें. जो लोग मांसाहारी भोजन करते हैं, वे चिकन और मछली को रोस्ट करके खा सकते हैं.

मटन में वसा अधिक होती है. इसलिए हम इसे कम खाने की सलाह देते हैं. इस बीमारी में आनुवंशिकता की भी बड़ी भूमिका होती है। 

इसलिए अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल अधिक हो, तो उसे दवाइयां भी लेनी चाहिए. हालांकि मैं यह नहीं कहता कि शुरुआत में ही दवाइयां खाना शुरू कर दें।

पहली कोशिश यही होनी चाहिए कि सही खानपान और कसरत से स्थिति में सुधार हो जाए. इसके अलावा सिगरेट और शराब की आदत छोड़ देनी चाहिए.

सिगरेट कई बीमारियों की जड़ है. इनमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कैंसर शामिल हैं. नौजवानों को पैसिव स्मोकिंग का भी ध्यान रखना चाहिए।

इसका मतलब है कि आप ख़ुद सिगरेट नहीं पी रहे हैं, लेकिन आपके साथ मौजूद कोई व्यक्ति सिगरेट पी रहा है। उसका असर भी आपके शरीर पर लगभग उतना ही पड़ता है।