CDLU SIRSA के प्राणी विज्ञान विभाग में एम.एससी. जूलॉजी में 30 सीटें तथा पीएचडी. में 4 सीटें
mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा का प्राणी विज्ञान विभाग के कई विद्यार्थियों ने नेट/जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की है। विद्यार्थियों ने खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए जूलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जोगेंद्र दुहन ने बताया कि विभाग की स्थापना वर्ष 2018 में हुई थी और अपने अस्तित्व काल से विभाग आधुनिक शोध, व्यावहारिक शिक्षा एवं जैविक विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
प्रोफेसर जोगेंद्र दुहन ने बताया कि सीडीएलयू के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के दिशा निर्देशन में विभाग विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से दक्ष करता है। विभाग विद्यार्थियों को सेमिनार, कार्यशाला, सम्मेलन एवं शैक्षणिक भ्रमणों के माध्यम से व्यावहारिक एवं अनुसंधान आधारित ज्ञान प्रदान करता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को भारतीय विज्ञान संस्थान, डेयरी उद्योग, मत्स्य पालन केंद्र, पोल्ट्री फार्म तथा चिड़ियाघरों के भ्रमण द्वारा व्यवहारिक अनुभव भी उपलब्ध करवाया जाता है। प्राणी विज्ञान विभाग में एम.एससी. जूलॉजी में 30 सीटें तथा पीएचडी. में 4 सीटें उपलब्ध हैं। विभाग में अत्याधुनिक शोध प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित शिक्षण लैब तथा अनुभवी एवं योग्य संकाय उपलब्ध है। विभाग में विद्यार्थियों को प्रायोगिक आधारित शिक्षा प्रदान की जाती है। विभाग के शोध के प्रमुख क्षेत्र रिप्रोडक्टिव टॉक्सिकोलॉजी, बायोडायवर्सिटी मॉनिटरिंग तथा एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट हैं।
विभाग के विजन को साँझा करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जीव विज्ञान एवं अन्य विषयों के मध्य अंतःविषयक सोच विकसित करने, वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने तथा सुरक्षित एवं नैतिक पेशेवर व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। विभाग वन्य जीव संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा जैविक साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।
विभाग के प्राध्यापक डॉ हरकृष्ण ने बताया कि विभाग के विद्यार्थी पंजाब पुलिस, हरियाणा सरकार, शिक्षा विभाग तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में सहायक प्रोफेसर, पीजीटी, टीजीटी एवं शोधार्थी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। कुछ विद्यार्थियों ने देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पीएच.डी. एवं उच्च शिक्षा में प्रवेश प्राप्त कर विभाग का नाम रोशन किया है।