2026 चारधाम यात्रा: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ की इस दिन से शुरू होगी यात्रा? शुभ संयोग
हर साल चार धाम चारधाम यात्रा यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ का इंतजार रहता है। इन धार्मिक स्थलों की यात्रा को लेकर जल्द ही इंतजार खत्म होने वाला है। इस बार चार धाम यात्रा का शुभ संयोग बन रहा है। वैसे देखे तो चारधाम की यात्रा का इंतजार हर साल करोड़ों श्रद्धालुओं को रहता है।
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा का बहुत बड़ा महत्व है और इसे जिंदगी में कम से कम एक बार जरूर करना चाहिए। कहते हैं कि इस यात्रा को करने से मोक्ष प्राप्ति के मार्ग खुलते हैं और पापों का नाश होता है, तो आइए इस पवित्र यात्रा की तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व को जानते हैं।
चारधाम यात्रा शुभ मुहूर्त
आपको बता दें कि चार धाम यात्रा वैदिक पंचांग के अनुसार, इसकी शुरुआत हर वर्ष अक्षय तृतीया के दिन होती है। इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को पड़ रही है। यानी चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को होगी। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह दस बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा।
धार्मिक महत्व चार धाम यात्रा का
यमुनोत्री धाम - बता दें कि यह यमुना नदी का पावन स्थल है। यहां स्नान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
गंगोत्री धाम यह मां गंगा के इस पावन तट पर आने से साधक के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।
केदारनाथ धाम यह भगवान शिव बाबा के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, यह धाम भक्तों को महादेव की कृपा पाने का शुभ मौका देता है।
बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि यहां के दर्शन मात्र से व्यक्ति को पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति मिल जाती है।
इस बार शुभ संयोग
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया पर बन रहे ग्रहों के शुभ संयोग इस यात्रा को और भी फलदायी बना रहे हैं। अक्षय तृतीया को स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है, जिसमें किसी भी नए काम की शुरुआत कामयाबी प्रदान करती है। इस दौरान किए गए दान और तीर्थ यात्रा का पुण्य कभी समाप्त नहीं होता।