महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय न करें ऐसी भूल, जानिए जलाभिषेक के नियम

 

mahendra india news, new delhi
सावन माह का आज सोमवार है, कल मंगलवार के दिन महाशिव रात्रि पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा। सावन का पूरा माह भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान भक्त पूजा और अर्चना में लीन रहते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाता यही उसके जिंदगी के समस्त कष्ट दूर होते हैं मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

इसी कारण से सावन में शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और लोग शिवलिंग को जल अर्पित करते हैं। शिव महापुराण में शिवलिंग पर जला अर्पित करने के कई नियम बनाए गए हैं और उनका पालन जरूरी माना जाता है।

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शिवलिंग पर जल चढ़ाने के नियम
सावन माह या किसी भी समय अगर आप शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं तो कुछ विशेष नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। जानें इसके बारे में-

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आपको सही मुहूर्त में ही शिवलिंग का जलाभिषेक करें। संभव हो तो ब्रह्म मुहूर्त में जलाभिषेक करें।
शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय आपका मुख उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।
शिवलिंग पर जल हमेशा एक धारा के रूप में ही चढ़ाना चाहिए। कभी भी एक साथ पूरा जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
जलाभिषेक के लिए हमेशा तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, अगर आप जल के साथ दूध भी चढ़ा रहे हैं तो पीतल के लोटे का इस्तेमाल करें।
अगर आप भी शिव जी का जलाभिषेक कर रहे हैं तो यहां बताई बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जिससे शिव पूजन का पूर्ण फल मिले।