दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम साहुवाला-प्रथम, गुरु पर दृढ़ विश्वास रखने वाला प्राणी कभी नहीं डोलता : साध्वी जीवेश्वरी भारती
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम साहुवाला-प्रथम बड़ागुढ़ा रोड, सिरसा में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने गुरु वाणी एवं आध्यात्मिक विचारों का श्रवण किया। कार्यक्रम में तू काहे डोलहि प्राणीआ, तुधु राखैगा सिरजनहारु... की पावन वाणी के भाव को समझाते हुए जीवन में गुरु के प्रति दृढ़ विश्वास रखने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर गुरुदेव आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी जीवेश्वरी भारती ने कहा कि मनुष्य जीवन में आने वाली परिस्थितियों को देखकर अक्सर चिंता और भय से विचलित हो जाता है।
वह भविष्य को लेकर आशंकित रहता है और सुख-दुख के उतार-चढ़ाव में अपना धैर्य खो बैठता है। गुरु वाणी मनुष्य को यही स्मरण करवाती है कि जब सृजनहार स्वयं उसकी रक्षा करने वाला है, तो फिर उसे व्यर्थ में डोलने या चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। साध्वी जी ने कहा कि जिसने गुरु का दामन थाम लिया और अपने जीवन की डोर गुरु के हाथों में सौंप दी, वह कभी डोलता नहीं। गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा एवं विश्वास मनुष्य को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी स्थिर रहने की शक्ति प्रदान करता है। परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, यदि मनुष्य गुरु के बताए मार्ग पर दृढ़ता से चलता रहे तो उसके भीतर भय के स्थान पर विश्वास और चिंता के स्थान पर धैर्य का भाव उत्पन्न होता है। उन्होंने समझाया कि केवल गुरु का नाम लेना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि गुरु की शिक्षाओं को अपने जीवन में धारण करना ही सच्ची शिष्यता है। जब मनुष्य अपने अहंकार, भय और चिंताओं को छोड़कर गुरु के ज्ञान पर विश्वास करता है, तब वह जीवन की प्रत्येक परिस्थिति का सामना शांत एवं विवेकपूर्ण ढंग से कर सकता है।