फाल्गुन अमावस्या दुर्लभ मुहूर्त;  भगवान शिव की पूजा करने से साधक को अक्षय फल की होगी प्राप्ति, बरसेगी महादेव की कृपा

 
mahendra india news, new delhi

हर साल फाल्गुन अमावस्या का इंतजार रहता है। इस बार फाल्गुन अमावस्या यानि मंगलवार 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या है। ज्योतिषचार्य पंडित लालचंद ने बताया कि फाल्गुन अमावस्या का यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस शुभ मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा समेत पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके बाद भक्ति भाव से भगवान शिव की पूजा करते हैं। 


इसी के साथ ही जप-तप और दान-पुण्य करते हैं। ज्योतिषिचार्य के अनुसार फाल्गुन अमावस्या पर दुर्लभ परिघ योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में भगवान बाबा शिव की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में बढ़ोतरी होगी। इसी के साथ ही पितरों की कृपा प्राप्त होगी। 

ये हैं शुभ मुहूर्त
ज्योतिषचार्य लालचंद शर्मा ने बताया कि फाल्गुन अमावस्या की शुरुआत 16 फरवरी को शाम पांच बजकर 34 मिनट पर होगी। वहीं, फाल्गुन अमावस्या की समाप्ति 17 फरवरी को शाम 05 बजकर 30 मिनट पर होगी। उदया तिथि गणना अनुसार 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या मनाई जाएगी। फाल्गुन अमावस्या पर शिववास योग का संयोग शाम 05 बजकर 30 मिनट तक है। इसके साथ ही परिघ योग का संयोग है। इन योग में गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होगी। साथ ही साधक पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसेगी।


फाल्गुन अमावस्या के दिन सुबह के काल में 51 मिनट का दुर्लभ संयोग है। यह संयोग ब्रह्म मुहूर्त का है। इस मुहूर्त में गंगा स्नान करने से समस्त पाप नष्ट हो जाएंगे। वहीं, स्नान-ध्यान करने के बाद भगवान शिव की पूजा करने से साधक को जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलेगी।