गणपति प्रथम पूज्य देवता, उनके स्मरण से जीवन में आती है शुभता: साध्वी निशा भारती
mahendra india news, new delhi
सिरसा। श्री शिव दुर्गा मंदिर, सी ब्लॉक, सिरसा के सहयोग से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा बुधवार को मंदिर परिसर में गणपति महिमा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश जी के विधिवत पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान गणेश जी की महिमा का श्रवण किया तथा भक्ति भाव से कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में गुरुदेव आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी निशा भारती जी ने भगवान श्री गणेश जी की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान गणपति को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य का आरंभ गणेश वंदना से करने की परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक संदेश भी निहित है। गणपति जी को विवेक, बुद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
साध्वी जी ने कहा कि बाहरी विघ्नों को दूर करने के साथ-साथ मनुष्य के जीवन में आने वाले आंतरिक विकारों और अज्ञानता को दूर करना भी आवश्यक है। वास्तविक आध्यात्मिक प्रगति के लिए मनुष्य को अपने भीतर विवेक एवं ज्ञान का प्रकाश जागृत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति में निरंतर प्रयासरत है, लेकिन स्थायी सुख और शांति तभी प्राप्त हो सकती है जब जीवन को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ा जाए। गणपति महिमा का वास्तविक उद्देश्य भगवान के स्वरूप को समझने के साथ-साथ उनके द्वारा दिए गए आध्यात्मिक संदेश को अपने जीवन में धारण करना है। उन्होंने श्रद्धालुओं को जीवन में सदाचार, सेवा, संयम और आध्यात्मिक चिंतन को अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर साध्वी किरण भारती ने मधुर भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए और पूरा मंदिर परिसर गणपति भक्ति से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री गणेश जी की महिमा से संबंधित आध्यात्मिक विचारों एवं भजनों का श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक आनंद लिया।
कार्यक्रम में संजय काठपल, मधु, कीर्ति गर्ग, दिनेश सिंघानिया, मोनिका ग्रोवर, मोनिका बंसल, शालू काठपल, बलविंदर कालरा, सुखमीत सेठी एवं रवि ग्रोवर सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने भगवान श्री गणेश जी के चरणों में नमन करते हुए कार्यक्रम का लाभ लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने भगवान गणपति से सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में आयोजित यह आध्यात्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, ज्ञान और आत्मचिंतन का सुंदर अवसर बना।