16 मई को बरसेगी शनिदेव जी की अपार कृपा, शनि धाम में धूमधाम से मनेगा शनि जयंती महोत्सव

 

mahendra india news, new delhi
 नोहरिया बाजार स्थित प्राचीन श्री शनि धाम में 16 मई, शनिवार को शनि जयंती महोत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में हवन यज्ञ, शनि पूजन शनि तेल स्नान, संकीर्तन व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी प्राचीन श्री शनिदेव मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक में दी गई।

बैठक को संबोधित करते हुए मंदिर पुजारी चंद्र मोहन भृगुवंशी व ट्रस्ट पदाधिकारी आनंद भार्गव ने बताया कि शनि जयंती समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार शनिवार की अमावस्या होने के कारण इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि शनि जयंती को लेकर मंदिर में भव्य सजावट व तैयारियां  शुरू की गई है। ट्रस्ट पदाधिकारी ने बताया कि ज्येष्ठ मास की अमावस्या को कर्मफल दाता, न्यायकर्ता भगवान शनिदेव का जन्मदिन है। शनैश्चरी अमावस्या होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है। नवग्रहों में श्रेष्ठ शनिदेव जी की कृपा प्राप्ति के लिए हवन यज्ञ में आहुति डालें।

शनिदेव जी की भव्य प्रतिमा पर तेल स्नान अर्पित किया जाएगा तथा यह विहंगम दृश्य शनिदेव जी के शक्तिस्थल शनिश्चरा धाम व शनि शिंगनापुर को समर्पित होगा। उन्होंने बताया कि 16 मई को प्रात: 7:00 बजे मंदिर में हवन होगा, जिसके माध्यम से भगवान शनि देव जी का हवन कर समस्त विश्व के लिए मंगल कामना की जाएगी।  इसके पश्चात शनि देव जी की विशेष पूजा अर्चना होगी और शनि तेल स्नान प्रारंभ किया जाएगा। तत्पश्चात मंदिर में प्रसाद वितरण का कार्यक्रम शुरू होगा, जिसमें भगवान शनि देव जी को हलवा-छोले और इमरती का प्रसाद चढ़ाया जाएगा और श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।

शनिवार शाम को 7 बजे मंदिर प्रांगण में संकीर्तन होगा, जिसमें श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान शनि देव जी की महिमा का गुणगान किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर में रात्रि को भोजन प्रसाद भगवान शनि देव जी को अर्पित किया जाएगा और तत्पश्चात श्रद्धालुओं में उसका वितरण किया जाएगा। उन्होंने सभी शनि भक्तों से आह्वान किया कि इस अद्भुत व दिव्य उत्सव में सपरिवार शामिल होकर भगवान शनि देव जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जो जातक शनि देव जी की साढ़ेसाती व ढैया से पीड़ित हंै, वे अवश्य इस अवसर पर मंदिर में पहुंचे और पूजा अर्चना में शामिल हों।