Hariyali Teej 2026 Puja Vidhi ; हरियाली तीज का महापर्व आज, यह है पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और कथा
The grand festival of Hariyali Teej is today; here are the auspicious timings for worship, the rituals, and the legendmahendra india news, new delhi
देशभर में आज डबल खुशी का माहौल है। आजादी का जश्र देशभर में मनाया जा रहा है। इसी के साथ ही आज हरियाली तीज है। हरियाली तीज के पर्व का सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए बहुत ही खास महत्व रख्खता है। इस दिन भगवान महादेव के संग मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और मनचाहा वर मिलता है।
सिरसा के ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार, आज शनिवार यानी 15 अगस्त को हरियाली तीज का पर्व मनाया जा रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 14 अगस्त को शाम 06 बजकर 47 मिनट पर शुरू हुई है। वहीं, इस तिथि का समापन 15 अगस्त को शाम 05 बजकर 29 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, आज यानी 15 अगस्त को हरियाली तीज का व्रत किया जा रहा है।
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05 बजे से 05 बजकर 41 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से 01 बजकर 40 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 03 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 34 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- रात 08 बजकर 03 मिनट से 08 बजकर 23 मिनट तक
अमृत काल- सुबह 10 बजकर 48 मिनट 12 बजकर 23 मिनट तक
हरियाली तीज व्रत कथा
उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार, माता सती ने आत्मदाह के बाद उन्होंने हिमालय के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया। कम उम्र से ही वे भगवान महादेव को अपने पति के रूप में पाना चाहती थीं। जब एक दिन महर्षि नारद पर्वतराज हिमालय पहुंचे, तो उन्होंने पर्वतराज हिमालय के सामने मां पार्वती के विवाह के लिए भगवान विष्णु का नाम सुझाया। पर्वतराज हिमालय यह सुनकर बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने तुरंत यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, लेकिन इस बात को सुनकर मां पार्वती अधिक चिंतित हुईं और महादेव को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या करने लगीं।
उनकी तपस्या से भगवान शिव जी प्रसन्न हुए और उनकी इच्छा पूर्ण होने का आशीर्वाद दिया। वहीं, पर्वतराज हिमालय भी मां पार्वती का विवाह महादेव के संग करवाने के लिए तैयार हो गए। भगवान शिव भोलेनाथ ने माता पार्वती से कहा था कि जो आपने सावन माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मेरी पूजा की थी, उसी उसी के फलस्वरूप हमारा मिलन हुआ। इसलिए इस तिथि पर हर साल हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है।
हरियाली तीज पूजा विधि (Hariyali Teej 2026 Puja Vidhi)
सुबह स्नान करने के बाद शिव-पार्वती मूर्ति विराजमान करें।
अब महादेव और मां पार्वती को पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं।
महादेव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल, भस्म और चंदन अर्पित करें।
मां पार्वती को लाल चुनरी ओढ़ाएं और सुहाग की पूरी सामग्री अर्पित करें।
दीपक जलाकर आरती करें और हरियाली तीज की व्रत कथा पढ़ें।
फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
पूजा के आखिरी में किसी भी भूल-चूक के लिए भगवान से क्षमा मांगें और सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें।