सावन माह का इस दिन से शुभारंभ, नोट कर लें 4 सोमवार और मंगला गौरी व्रत की सही तिथियां

 

mahendra india news, new delhi

हर वर्ष सावन माह का इंतजार रहता है। क्योंकि साल में सावन माह खास होता है। हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र माने जाने वाले सावन (श्रावण) माह की शुरुआत इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से होगी, सावन माह 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगा। सिरसा जिला के विख्यात ज्योतिषाचार्य और कुंडली विश्लेषक पंडित नीरज शर्मा  के अनुसार, इस साल सावन मास में कई अद्भुत और शुभ संयोग बन रहे हैं।

इस वर्ष सावन में कुल 4 सोमवार व्रत और 4 मंगला गौरी व्रत रखे जाएंगे।
 विशेष 'शिववास योग'
ज्योतिषाचार्य  पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि इस बार सावन के पहले ही दिन एक अत्यंत शुभ और विशेष योग बन रहा है, इसे 'शिववास योग' कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ संयोग के दौरान भगवान शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर विराजमान रहते हैं। इस विशेष योग में भोलेनाथ की पूजा और जलाभिषेक करने से साधक को सौभाग्य, सुख-समृद्धि और मनचाहा वरदान प्राप्त होता है।

महत्वपूर्ण मंत्र: सावन के महीने में मंत्र जप का विशेष महत्व है। 'ओम नम: शिवाय' मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से जीवन के सभी दुख-दर्द और कष्ट दूर हो जाते हैं।


 सावन सोमवार व्रत की तिथि
इस साल सावन के महीने में भक्तों को कुल 4 सोमवार मिलेंगे। मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से मनोकामनाएं बहुत जल्दी पूरी होती हैं।

पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026


मंगला गौरी व्रत की तिथियां
ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि सावन का माह भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती को भी अत्यंत प्रिय है। सावन के हर मंगलवार को सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए मंगला गौरी व्रत रखती हैं।

पहला मंगला गौरी व्रत: 4 अगस्त 2026
दूसरा मंगला गौरी व्रत: 11 अगस्त 2026
तीसरा मंगला गौरी व्रत: 18 अगस्त 2026
चौथा मंगला गौरी व्रत: 25 अगस्त 2026
सावन महीने का धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए सावन के माह में ही कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। यही कारण है कि इस महीने में पूजा करने से मनचाहा वर या वधू की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषीय लाभ:

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के मुताबिक, सावन के सोमवार का व्रत रखने से न केवल आध्यात्मिक लाभ होता है, बल्कि कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। इसके साथ ही राहु और केतु के अशुभ प्रभावों से भी मुक्ति मिलती है। इस दौरान भक्त कांवड़ यात्रा निकालकर गंगाजल से शिवजी का रुद्राभिषेक करते हैं।