आज कार्तिक शुक्ल द्वादशी के दिन तुलसी विवाह करने का विधान, तुलसी विवाह के दिन कई योग भी बन रहे हैं

 
Today, on Kartik Shukla Dwadashi, there is a tradition of performing Tulsi Vivah. Many Yogas are also being formed on the day of Tulsi Vivah
 
mahendra india news, new delhi

02 नवंबर आज रविवार को कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज के दिन तुलसी विवाह का पर्व मनाया जाता है। ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यता है कि इस दिन तुलसी विवाह करने से वैवाहिक सुख में खुशियों का आगमन होता है। तुलसी विवाह के दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं।


उन्होंने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से जागते हैं और सृष्टि में शुभ कार्यों की पुन: शुरुआत होती है। यह दिन विवाह, गृहप्रवेश और नए कार्यों के आरंभ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से मोक्ष तथा अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।


ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि तुलसी विवाह कार्तिक शुक्ल द्वादशी या देवउठनी एकादशी के अगले दिन मनाया जाता है। यह पावन दिन माता तुलसी (जो देवी लक्ष्मी का रूप हैं) और भगवान विष्णु (शालिग्राम स्वरूप) के दिव्य मिलन का प्रतीक है। इसी दिन से विवाह जैसे शुभ कार्यों की पुन: शुरुआत होती है। पौराणिक मान्यता है कि तुलसी विवाह करने से वैवाहिक सुख, समृद्धि और गृहस्थ जीवन में सौहार्द की वृद्धि होती है।

थि: शुक्ल एकादशी
मास पूर्णिमांत: कार्तिक
दिन: रविवार
संवत्: 2082

तिथि: शुक्ल एकादशी  07 बजकर 31 मिनट AM तक, फिर द्वादशी
योग: व्याघात 11 बजकर 11 मिनट PM तक
करण: विष्टि  07 बजकर 31 मिनट AM तक
करण: बव  06 बजकर 24 मिनट PM तक
करण: 3 नवम्बर को बालव 05 बजकर 07 मिनट AM तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय


सूर्योदय:  06 बजकर 34 मिनट AM पर
सूर्यास्त: 05 बजकर 35 मिनट PM पर
चंद्रोदय:  03 बजकर 21 मिनट PM पर
चन्द्रास्त: 3 नवम्बर को  03 बजकर 50 मिनट AM पर

सूर्य राशि: तुला
चंद्र राशि: कुंभ
पक्ष: शुक्ल

आज के शुभ मुहूर्त


अभिजीत मुहूर्त: 11 बजकर 42 मिनट AM से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट PM तक
अमृत काल:  09 बजकर 29 मिनट AM से 11 बजे PM तक

आज के अशुभ समय


राहुकाल: 04 बजकर 12 मिनट PM से सायं 05 बजकर 35 मिनट PM तक
गुलिकाल: 02 बजकर 50 मिनट PM से सायं 04 बजकर 12 मिनट PM तक
यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 04 मिनट PM से दोपहर 01 बजकर 27 मिनट PM तक

तुलसी विवाह पूजा विधि:
 

प्रात: स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
आंगन या मंदिर में तुलसी माता के पौधे को सजाएं।
तुलसी माता को हल्दी-कुमकुम, साड़ी, गहने और पुष्प अर्पित करें।
शालिग्राम या भगवान विष्णु की मूर्ति को वर के रूप में स्थापित करें।
मंगल गीत गाते हुए तुलसी और शालिग्राम का विवाह संपन्न करें।
पूजा के बाद आरती करें और प्रसाद वितरण करें।
विवाह पूर्ण होने पर ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान दें।
इस दिन विवाहित जोड़ों को एकसाथ तुलसी पूजा करनी चाहिए, जिससे दांपत्य जीवन में प्रेम और स्थायित्व बना रहे।