जल्द खरीद कर घर ले आओ एससी, कूलर, फ्रिज, हो जाएंगे महंगे
Buy air conditioners, coolers, and refrigerators soon, otherwise they will become more expensive
| May 25, 2026, 16:16 IST
Mahendra india news, new delhi
पिछले कई दिनों से गर्मी का असर बढ़ रहा है। इस बढ़ती गर्मी में फ्रिज व कूलर की डिमांड बढ़ रही है। बढ़ती मांग, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कच्चे माल (जैसे कॉपर और प्लास्टिक) और सरकार के सख्त ऊर्जा दक्षता (क्चश्वश्व) नियमों के कारण एसी, फ्रिज और कूलर की कीमतों में 5 फीसद से 15 फीसद तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। अगर आप इस गर्मी में बिजली के उपकरण खरीदने की सोच रहे हैं, तो तुरंत खरीदारी करना समझदारी होगी।
क्योंकि एसी, फ्रिज और कूलर महंगे हो जाएंगे। बिजली के इन उपकरणों के दाम बढऩे के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं, नए स्टार रेटिंग नियम है। बता दें कि सरकार द्वारा ऊर्जा बचत के नए और सख्त नियम लागू किए गए हैं। इसके चलते जो मॉडल पिछले साल 5-स्टार थे, उन्हें अब 4 या 3-स्टार की श्रेणी में रखा गया है। नए 5-स्टार मॉडल बनाने में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है,
जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसी के साथ ही कच्चे माल की कीमतों में उछाल है। कॉपर, एल्युमीनियम और प्लास्टिक के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर हैं। वहीं पश्चिम एशिया के तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिपिंग/फ्रेट (समुद्री माल भाड़ा) चार्ज बढऩे से भी उपकरणों की कीमत में बढ़ोतरी हुई है।
पिछले कई दिनों से गर्मी का असर बढ़ रहा है। इस बढ़ती गर्मी में फ्रिज व कूलर की डिमांड बढ़ रही है। बढ़ती मांग, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कच्चे माल (जैसे कॉपर और प्लास्टिक) और सरकार के सख्त ऊर्जा दक्षता (क्चश्वश्व) नियमों के कारण एसी, फ्रिज और कूलर की कीमतों में 5 फीसद से 15 फीसद तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। अगर आप इस गर्मी में बिजली के उपकरण खरीदने की सोच रहे हैं, तो तुरंत खरीदारी करना समझदारी होगी।
क्योंकि एसी, फ्रिज और कूलर महंगे हो जाएंगे। बिजली के इन उपकरणों के दाम बढऩे के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं, नए स्टार रेटिंग नियम है। बता दें कि सरकार द्वारा ऊर्जा बचत के नए और सख्त नियम लागू किए गए हैं। इसके चलते जो मॉडल पिछले साल 5-स्टार थे, उन्हें अब 4 या 3-स्टार की श्रेणी में रखा गया है। नए 5-स्टार मॉडल बनाने में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है,
जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसी के साथ ही कच्चे माल की कीमतों में उछाल है। कॉपर, एल्युमीनियम और प्लास्टिक के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर हैं। वहीं पश्चिम एशिया के तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिपिंग/फ्रेट (समुद्री माल भाड़ा) चार्ज बढऩे से भी उपकरणों की कीमत में बढ़ोतरी हुई है।
