रेलवे का रात के समय में सफर के लिए बड़ा प्लान, 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें होंगी तैयार, ट्रेन में विमान जैसी होगी सुविधा
mahendra india news, new delhi
रेलवे विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए समय समय पर अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। जिससे ख्खासकर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को फायदा मिल रहा है। रेलवे द्वारा वंदे भारत एक्सप्रेस के बाद लंबी दूरी के रात्रि के सफर को भी आधुनिक बनाने का प्लान हैं। देश की पहली वंदे भारत चेयर कार ट्रेन 2019 में शुरू होने के करीब 7 वर्ष बाद अब इसका स्लीपर वर्जन यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा बनने जा रहा है। रेलवे की योजना करीब 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार करने की है. इनमें अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तेज रफ्तार और बेहतर यात्री सुविधा पर जोर दिया गया है
देश में पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस वर्ष गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर शुरू की गई थी. वहीं, दूसरी ट्रेन का ट्रायल चल रहा है और इसके जल्द सेवा में शामिल होने की उम्मीद है. रेलवे विभाग के अधिकारियों के अनुसार बेंगलुरु-मुंबई रूट पर चलाया जा सकता है. हालांकि, रेलवे की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
260 स्लीपर ट्रेनें तैयार करने की योजना
वंदे भारत स्लीपर प्रोजेक्ट के तहत शुरुआती 10 ट्रेनसेट बीईएमएल तैयार कर रहा है. इनमें 16 कोच होंगे. इसके अलावा इंटीग्रल कोच फैक्ट्री , चेन्नई 50 और ट्रेनसेट बनाएगी. इन ट्रेनों में 24 कोच होंगे, जिससे इन्हें लंबी दूरी के रात के सफर के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा. 24 कोच वाली ट्रेनों में पैंट्री कार की सर्विस भी होगी. इसके अलावा रेलवे ने 200 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बनाने का ठेका दो कंसोर्टियम को दिया है।
180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ टेस्ट
आपको बता दें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे है, जबकि इसकी अधिकतम परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटे होगी. हालांकि वास्तविक स्पीड संबंधित रेलवे रूट पर उपलब्ध ट्रैक और सुरक्षा मानकों पर निर्भर करेगी. पारंपरिक ट्रेनों के मुकाबले इसमें डिस्ट्रिब्यूटेड पावर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इसमें पूरी ट्रेन को एक इंजन खींचने के बजाय अलग-अलग कोचों में मोटर लगाई जाती है. इससे ट्रेन तेजी से गति पकड़ और ब्रेक लगा सकती है. इसका फायदा औसत गति बढ़ाने और यात्रा का समय कम करने में मिल सकता है.
यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
वंदे भारत स्लीपर के फर्स्ट एसी कोच में यात्रियों को शॉवर और गर्म पानी जैसी सर्विस भी मिलेंगी. इसके अलावा ट्रेन में विमान जैसी बायो-वैक्यूम टॉयलेट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसी के साथ ही दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग डिजाइन किए गए वॉशरूम भी होंगे. हर कोच में रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल दिए जाएंगे. कोच के बीच पूरी तरह सील्ड गैंगवे और ऑटोमैटिक इंटरकनेक्टिंग दरवाजे होंगे, जिससे अंदर का तापमान और एयर क्वालिटी बनाए रखने में मदद मिलेगी. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में भारत की स्वदेशी कवच एंटी-कोलिजन तकनीक लगाई गई है. यह ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
