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सीमित आपूर्ति के चलते एक हफ्ते में चीनी के रेट 600 रुपये प्रति क्विंटल बढ़े, देखें ताजा रेट

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Sugar prices rose by ₹600 per quintal in a week due to limited supply; check the latest rates

mahendra india news, new delhi

चीनी के रेट को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। देश में चीनी के एक्स-मिल रेट में एक हफ्ते के अंदर करीबन 600 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चीनी मिलों से सीमित आपूर्ति और वर्ष 2026-27 के चीनी सीजन की शुरुआत में कम शुरुआती स्टॉक के चलते बाजार में रेटों पर ऊपर की ओर दबाव बना हुआ है। महाराष्ट्र में चीनी के भाव 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के करीबन पहुंच गए हैं, जबकि यूपी में रेट पांच हजार रुपये से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं। हालांकि, उपलब्धता, मांग और चीनी की गुणवत्ता के मुताबिक अलग-अलग उत्पादक क्षेत्रों में भाव अलग-अलग हैं।

यह बढ़ोतरी ऐसे वक्त में हुई है, जब उद्योग 2025-26 के सीजन से नए पेराई सत्र की ओर बढ़ रहा है। देश में अक्टूबर की शुरुआत करीबन 35 से 37 लाख टन के शुरुआती चीनी स्टॉक के साथ की, जो घरेलू खपत के करीबन 6 से 7 हफ्ते के लिए पर्याप्त माना जाता है। यह स्टॉक दोनों सीजन के बीच घरेलू मांग पूरी करने में सहायता कर सकता है। हालांकि, चीनी मिलें कितनी तेजी से बाजार में चीनी जारी करती हैं और उसकी बिक्री एवं आपूर्ति करती हैं, यह बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक बन गया है। चीनी मिलों में पेराई कार्य 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाला है।

आपूर्ति में कमी से बढ़े भाव
आपको बता दें कि उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक हाल में चीनी के रेटों में हुई बढ़ोतरी की वजह मिलों से तत्काल उपलब्ध आपूर्ति की कमी है, न कि देश में चीनी की कुल उपलब्धता का खत्म होना। यह अंतर महत्वपूर्ण है। मिलों के गोदामों में चीनी का स्टॉक मौजूद हो सकता है, लेकिन बिक्री, डिस्पैच या स्टॉक जारी करने में देरी होने से बाजार में तत्काल उपलब्ध चीनी की मात्रा सीमित हो जाती है।

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केंद्र सरकार ने कुछ चीनी मिलों द्वारा बिक्री के विवरण और जीएसटी रिकॉर्ड में विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया है। इन विवरणों की जांच के लिए 9 अक्टूबर 2026 से मिलों में भौतिक सत्यापन तेज करने का निर्णय लिया गया है, ताकि घोषित बिक्री, स्टॉक और बाजार में वास्तविक आपूर्ति का सही हिसाब रखा जा सके। जांच के दायरे में आई मिलों से 20 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक की बिक्री का विवरण 10 अक्टूबर 2026 तक जमा करने को कहा गया है। पर्व के मौसम से पहले बाजार में सीमित उपलब्धता की चिंताओं के बीच यह कदम उठाया गया है।

केंद्र सरकार ने आपूर्ति बढ़ाने के लिए उठाए कदम
केंद्र सरकार ने चीनी की आपूर्ति श्रृंखला में कई उपाय लागू कर चुकी है। इनमें पखवाड़े के आधार पर बिक्री कोटा, बेची गई चीनी को 7 दिनों के भीतर भेजने के निर्देश और स्टॉक की सख्त निगरानी शामिल हैं। अक्टूबर माह के लिए प्रत्येक चीनी मिल को एक अक्टूबर से 8 अक्टूबर के बीच अपने पखवाड़े के निर्धारित कोटे का कम से कम 45त्न हिस्सा बेचकर उठान सुनिश्चित करना था। शेष कोटे की बिक्री और उठान 15 अक्टूबर तक पूरा करना है।


शुरुआती पेराई से बाजार में बढ़ सकती है चीनी की उपलब्धता
बता दें कि वर्ष 2026-27 के पेराई सत्र की शुरुआत से बाजार में अतिरिक्त चीनी आने की संभावना है। महाराष्ट्र में 210 चीनी मिलों को पेराई लाइसेंस जारी किए गए हैं। इनमें 104 सहकारी और 106 निजी मिलें शामिल हैं। इन मिलों के 15 अक्टूबर 2026 से परिचालन शुरू करने की स्कीम है। 

महाराष्ट्र की कुछ मिलों में पेराई पहले ही शुरू हो चुकी है। इससे नए सीजन की चीनी की शुरुआती आपूर्ति बढऩे की उम्मीद है। दूसरी ओर, कर्नाटक में अभी पेराई शुरू नहीं हुई है, जबकि यूपी की मिलें लगभग 20 अक्टूबर 2026 से पेराई शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।