आनलाइन ठगी से लेकर इन 10 जिलों से चलता है साइबर क्राइम का नेटवर्क, 50 प्रतिशत मामले यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित थे
mahendra india news, new delhi
प्रतिदिन किसी न किसी व्यक्तिसे आनलाइन ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं। यह साइबर क्राइम करने वाले देश के अलग अलग जिलों में बैठे व्यक्ति कर रहे हैं। अब आपको बता दें कि देश में साइबर क्राइम के सेंटर के रूप में बदनाम झारखंड के जामताड़ा और हरियाणा के नूंह की जगह अब राजस्थान के भरतपुर और उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले ने ले ली है।
बता दें कि यह दावा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर में शुरू एक स्टार्टअप ने अपनी स्टडी में किया है। इस स्टडी की खास बातें बताते हैं। स्टडी के मुताबिक टॉप 10 जिले से देश में 80 फीसद साइबर क्राइम होते हैं. आईआईटी-कानपुर में शुरू हुए एक गैर-लाभकारी स्टार्टअप, फ्यूचर क्राइम रिसर्च फाउंडेशन (एफसीआरएफ) ने अपनी नई स्टडी ‘ए डीप डाइव इनटू साइबर क्राइम ट्रेंड्स इम्पैक्टिंग इंडिया’ में इसका जिक्र किया है।
कहां कितने फीसद
आपको बता दें कि एफसीआरएफ ने दावा किया कि भरतपुर (18 फीसद), मथुरा (12 फीसद), नूंह (11 फीसद), देवघर (10 फीसद), जामताड़ा (9.6 फीसद), गुरुग्राम (8.1 परसेंट), अलवर (5.1 परसेंट), बोकारो (2.4 फीसदट), कर्मा टांड (2.4 फीसद) और गिरिडीह (2.3 फीसद) भारत में साइबर अपराध के मामलों में टॉप पर हैं जहां से सामूहिक रूप से 80 प्रतिशत साइबर अपराधों को अंजाम दिया जाता है।
एफसीआरएफ के सह संस्थापक हर्षवर्धन सिंह के अनुसार हमारा विश्लेषण इंडिया के 10 जिलों पर केंद्रित था जहां से सबसे अधिक साइबर अपराध को अंजाम दिया जाता है, जैसा कि श्वेत पत्र में पहचान की गई है, इन जिलों में साइबर अपराध के प्रमुख कारकों को समझना प्रभावी रोकथाम और खत्म करने की रणनीति तैयार करने के लिए जरूरी है।
बता दें कि जनवरी 2020 से जून 2023 तक देश में 75 फीसद से अधिक साइबर अपराध वित्तीय धोखाधड़ी के हुए, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत मामले यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित थे।
इस अवधि के दौरान ऑनलाइन अपराधों में 12 फीसद मामले सोशल मीडिया से संबंधित अपराधों जैसे कि प्रतिरूपण के जरिये धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, सेक्सटिंग और ईमेल फिशिंग के थे। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी इस अवधि के दौरान अधिकतम 77.41 फीसद अपराधों के लिए जिम्मेदार है।
