SIRSA में भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले पत्रकार यूट्यूबरों पर सिरसा पुलिस का शिकंजा, चार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू
Mahendra india news, new delhi
सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भ्रामक प्रचार कर लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर सिरसा पुलिस ने अब अवैघ वसूली करने वाले प्रिंट एवं यूट्यूबर पत्रकारों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मेला संचालक की शिकायत पर पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली करने वाले चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि मेला संचालक से 1.50 लाख रुपए की मांग की गई। रकम नहीं देने पर मेले के संबंध में लगातार नकारात्मक और कथित भ्रामक पोस्ट डालकर परेशान करने की धमकी दी गई।
मेला संचालक ने पुलिस को दी शिकायत
रोहतक निवासी नरेश पुत्र ओम प्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सिरसा के जीटीएम ग्राउंड, हिसार रोड, महाराणा प्रताप चौक पर मेला आयोजित कर रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार मेले के लिए जिला प्रशासन से आवश्यक मंजूरियां ली गई हैं। इसके बावजूद कुछ लोग उस पर कथित तौर पर दबाव बना रहे थे। शिकायत में प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं महिला यूट्यूबर सहित चार लोगों के नाम शामिल हैं। मेला संचालक ने आरोप लगाया कि इन लोगों की ओर से उससे रुपए की मांग की गई और मांग पूरी नहीं करने पर मेले के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक पोस्ट डालने का दबाव बनाया गया।
तीन वीडियो के लिए दिए 6 हजार रुपए
शिकायत के मुताबिक, आरोपी महिला ने मेला संचालक से संपर्क कर मेले की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए प्रति वीडियो 2 हजार रुपए लेने की बात कही थी। तीन वीडियो के लिए 6 हजार रुपए तय हुए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने 4 हजार रुपए ऑनलाइन और 2 हजार रुपए नकद दिए। इसके बाद उस पर अन्य लोगों के साथ मिलकर 1.50 लाख रुपए देने का दबाव बनाया गया।
पैसे नहीं दिए तो रोज पोस्ट डालने का आरोप
मेला संचालक ने आरोप लगाया कि रुपए नहीं देने पर रोजाना मेले के खिलाफ नकारात्मक पोस्ट डालने और उसे परेशान करने की धमकी दी गई। उसने पुलिस से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की।
AI से बनाई भ्रामक सामग्री पर भी होगी कार्रवाई
डीएसपी सुखबीर सिंह ने कहा कि AI तकनीक से फोटो और वीडियो तैयार कर तथ्यहीन खबरें प्रसारित करने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की आड़ में किसी को डराने-धमकाने, अवैध वसूली करने या समाज में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति, संस्था या आयोजन से जुड़ी सामग्री पोस्ट करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।
पुलिस खंगाल रही सोशल मीडिया पोस्ट और लेन-देन
पुलिस के अनुसार मामले में सोशल मीडिया पोस्ट, कथित धमकियों और रुपए के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तथ्यहीन खबरें प्रसारित करने वालों तथाकथित पत्रकारों यूट्यूबरों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करगी ।
