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विश्व रेडियो दिवस के उपलक्ष्य में सिरसा की सीडीएलयू में रेडियो उत्सव 2024 आयोजित

वर्तमान दौर में भी लोगों के बीच रेडियो की दीवानगी बरकार, महानगरों में एफएम और छोटे नगरों-गावों में कम्युनिटी रेडियो लोकप्रिय : अमित सांगवान

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वर्तमान दौर में भी लोगों के बीच रेडियो की दीवानगी बरकार, महानगरों में एफएम और छोटे नगरों-गावों में कम्युनिटी रेडियो लोकप्रिय : अमित सांगवान

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हरियाणा के सिरसा में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मीडिया सेंटर में आयोजित रेडियो उत्सव 2024 के दौरान community radio station के निदेशक डॉ अमित सांगवान ने कहा कि मोबाइल व इंटरनेट के जमाने में भी रेडियो का जलवा बरकरार है और सामाजिक क्रांति में निरंतर अपना योगदान दे रहा है। 

community radio station रेडियो दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में डा. सांगवान ने कहा कि वर्तमान दौर में रेडियो सूचना प्रौद्योगिकी के साथ बखूबी सामंजस्य कायम करते हुए पॉडकास्ट व अन्य डिजिटल प्रारूपों में लोकप्रिय हो रहा है।
े। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक के दिशा निर्देशन में विद्यार्थियों के हित में गतिविधियों का आयोजन करवाया जाता है। रेडियो स्टेशन द्वारा इस कार्यक्रम का पंजीकरण युनेस्को की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी किया गया था।


निदेशक डॉ अमित ने रेडियो उत्सव में शरीक होने वाले सभी प्रतिभागियों को विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रेडियो जनसंचार का एक महत्वपूर्ण टूल है और राष्ट्र के विकास में इसका विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि भारत एक ग्रामीण प्रधान देश है और दूर-दराज के गांवों में बसने वाले बाशिंदों का यह लोकप्रिय जनमाध्यम है। विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन द्वारा विश्व रेडियो दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में रेडियो की विकास यात्रा तथा राष्ट्र के विकास में रेडियो की भूमिका पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 का विश्व रेडियो दिवस का थीम "रेडियो : ए सेंचुरी इन्फोर्मिंग, एंटरटेनिंग एंड एजुकेटिंग" है।

उन्होंने विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन के माध्यम से मोबाइल इंटरनेट के जमाने में भी रेडियो हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। समय के साथ सामंजस्य बैठाते हुए रेडियो अब डिजिटल हो गया है। जैसे पॉडकास्ट के रूप में अब डिजिटल रेडियो को इंटरनेट के माध्यम से प्रसारित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए community radio station की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि देश भर में चल रहे सामुदायिक रेडियो स्टेशन महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण, आर्थिक व सामाजिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेडियो जागरूकता का एक सशक्त यंत्र है। डॉ अमित सांगवान ने community radio station के विभिन्न कार्यक्रमों एवं भावी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सूचना ही सामाजिक परिवर्तन का आधार है।


इस कार्यक्रम के दौरान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रवींद्र ने कहा कि सामुदायिक रेडियो स्टेशन community radio station के माध्यम से पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से तो दक्ष किया ही जाता है, साथ ही साथ सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की जाती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग के सहायक रोहतास, शोधार्थी बेअंत सिंह, पलवी, सुरेंदर, डिंपल, सपना आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर रेडियो के महत्व पर चर्चा भी की गई जिसमें एम ए के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।