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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी, कृषि विज्ञान केंद्र में किसान गोष्ठी का आयोजन

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प्राकृतिक खेती अपनाकर आने वाली पीढिय़ों को दें सुरक्षित भविष्य : यतिंद्र सिंह

सिरसा, 20 जून।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा शनिवार को 23वीं किस्त की राशि जारी की गई। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर के किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित की गई, जिसका सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्र, सिरसा में आयोजित कार्यक्रम में दिखाया गया।


कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डा. सुखदेव सिंह ने की। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री अंबर कुमार, पार्षद सुमन शर्मा तथा वीरेंद्र टिन्ना सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना।


भाजपा जिला अध्यक्ष यतिंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से बचना चाहिए और खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसी प्रवृत्तियों से दूर रहना चाहिए। सेहत के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वस्थ भोजन सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धन से कहीं अधिक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य है और इसी सोच के साथ किसानों को प्राकृतिक खेती से जुडऩा चाहिए।

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उन्होंने किसानों से अपने खेतों की नियमित मिट्टी जांच करवाने और सॉयल हेल्थ कार्ड बनवाने का आह्वान करते हुए कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता हो, केवल उन्हीं का प्रयोग किया जाए। अनावश्यक उर्वरकों और कीटनाशकों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।


उप निदेशक डा. सुखदेव सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 23वीं किस्त में जिला सिरसा के लगभग 1,03,773 किसानों के बैंक खातों में 20.76 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अभियान का उद्देश्य किसानों को कम लागत, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ कृषि प्रणाली से जोडऩा है। विभाग द्वारा लगातार जागरूकता शिविरों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है, उत्पादन लागत कम होती है तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध होती है। कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।


इस अवसर पर हरियाणा सरकार द्वारा प्रोत्साहित प्राकृतिक खेती योजना के तहत किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल कृषि अधिकारी सतवीर सिंह, विषय विशेषज्ञ राकेश कुट्टू, विषय विशेषज्ञ (टी एंड आई) कोमल, तकनीकी सहायक दिनेश कुमार, अजय हंस, खंड कृषि अधिकारी रमेश कुमार, गुरदीप सिंह, प्यारे लाल सहित अनेक अधिकारियों एवं किसानों ने भाग लिया।