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हरियाणा प्रदेश में रिश्वत लेते हुए क्लर्क व होमगार्ड का जवान गिरफ्तार, इसलिए लेते थे दोनों रिश्वत

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A clerk and a Home Guard jawan were arrested in Haryana for accepting bribes
mahendra india news, new delhi

हरियाणा प्रदेश में महेंद्रगढ़ के जिला में होमगार्ड कार्यालय नारनौल स्थित ट्रेनिंग सेंटर में तैनात क्लर्क राकेश और महेंद्रगढ़ सदर थाने में तैनात होमगार्ड सतीश को एंटी करप्शन ब्यूरो (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों को 2000 रुपये की रिश्वत लेते समय पकड़ा है। इससे पहले आरोपी शिकायतकर्ता से 6000 रुपये की रकम ले चुका था।

जानकारी के अनुसार जांच टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार एंटी करप्शन ब्यूरो गुरुग्राम को इसकी कुराहवटा गांव निवासी महेंद्रगढ़ थाना में तैनात होमगार्ड अशोक कुमार ने शिकायत दी थी। होमगार्ड अशोक ने शिकायत में बताया कि होमगार्डों की ड्यूटी हर 3 महीने के बाद फिर से लगाई जाती है। इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले क्लर्क और होमगार्ड ने उससे 6000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता पहले ही 4000 रुपये आरोपी सतीश को दे चुका था जिसके बाद उससे बकाया 2000 रुपये की मांग की जा रही थी। जानकारी के अनुसार मामले की एक रिकॉर्डिंग भी एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंपी गई थी।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो गुरुग्राम की टीम ने शिकायतकर्ता को मांगी गई राशि लेकर भेजा। जैसे ही आरोपी सतीश ने शिकायतकर्ता से 2000 रुपये की रिश्वत ली तभी एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।

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जानकारी के अनुसार, आरोपी क्लर्क का प्रभाव करीब 430 होमगार्ड जवानों पर था। वह हर 3 माह में ड्यूटी लगाने के नाम पर प्रत्येक होमगार्ड जवान से करीबन 6 हजार रुपये की अवैध वसूली करता था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जो जवान रुपये नहीं देते था। उसकी ड्यूटी नहीं लगाई जाती थी या फिर उसे दूरदराज क्षेत्रों में तैनात करने की धमकी दी जाती थी।

वेद प्रकाश, इंस्पेक्टर, एंटी करप्शन ब्यूरो ने बताया कि क्लर्क व होमगार्ड दोनों आरोपियों को टीम ने गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा। शिकायतकर्ता की ओर से सौंपी गई रिकॉर्डिंग को भी जांच में शामिल किया गया है।