हाइब्रिड धान बीज बिक्री के नाम पर सवाना हाइब्रिड सीड्स कंपनी ने की धांधली, कालाबाजारी तथा टैगिंग की जांच को लेकर सीएम को लिखा शिकायत पत्र: औलख
mahendra india news, new delhi
भारतीय किसान एकता ने हरियाणा सरकार, कृषि विभाग तथा महानिदेशक कृषि विभाग पर किसानों की शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि समय रहते चेतावनी देने के बावजूद सवाना हाइब्रिड सीड्स कंपनी द्वारा किसानों की खुलेआम लूट करवाई गई। संगठन ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग की मिलीभगत से कंपनी और उसके डीलरों ने हाइब्रिड धान के बीजों की कृत्रिम कमी दिखाकर किसानों को भारी कीमतों पर बीज बेचकर आर्थिक शोषण किया।
भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि संगठन ने धान सीजन शुरू होने से पहले ही सरकार और कृषि विभाग को लिखित रूप में चेताया था कि सवाना सीड्स कंपनी द्वारा कालाबाजारी की आशंका है, लेकिन सरकार और विभाग ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि कंपनी के लोकप्रिय हाइब्रिड धान बीज सावा-7501 के 3 किलो पैक पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 1914 रुपये अंकित है, लेकिन किसानों को यह बीज टैगिंग के साथ या चोरी-छिपे 2200 रुपये से लेकर 2500 रुपये प्रति पैकेट तक बेचा गया।
इसी प्रकार सावा-7301 बीज को भी सावा 7501 के साथ जबरन टैगिंग करके 1700 रुपये तक किसानों को बेचा गया। किसान संगठन का कहना है कि अब जबकि कंपनी ने बाजार में पर्याप्त सप्लाई शुरू कर दी है, वही सावा-7501 बीज 1600 से 1650 रुपये प्रति 3 किलो पैक तथा सावा-7301 लगभग 1100 से 1150 रुपये प्रति पैक रह गया है।
इससे साफ साबित होता है कि शुरूआती दौर में कृत्रिम कमी पैदा कर किसानों को लूटा गया। संगठन ने आरोप लगाया कि हिसार सहित कई क्षेत्रों के डीलरों ने बाहरी राज्यों से बड़ी मात्रा में सावा-7501 और सावा-7301 बीज मंगवाकर बेचे हैं, जिससे डुप्लीकेट बीज की आशंका भी बढ़ गई है। किसानों के साथ यह बहुत बड़ा धोखा हो सकता है, क्योंकि किसान पहले ही कर्ज और बढ़ती खेती लागत के बोझ तले दबा हुआ है। भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने हरियाणा सरकार और कृषि विभाग से मांग की है कि सवाना हाइब्रिड सीड्स कंपनी द्वारा हरियाणा में की गई बीज सप्लाई, स्टॉक और बिक्री की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
कंपनी ने डीलरों से करोड़ों रुपए एडवांस के रूप में लिए थे, उसकी भी जांच करवाई जाए, साथ ही कालाबाजारी में शामिल कंपनी मालिकों, कृषि विभाग के अधिकारियों और संबंधित डीलरों की गहन जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने कहा कि सरकार और कृषि विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उचित दामों पर उपलब्ध करवाए जाएं तथा किसानों को लूटने वाली कंपनियों और डीलरों पर सख्ती से नकेल कसी जाए।
