गांव कैरांवाली निवासी VLDA अशोक कुमार का पशु अस्पताल माधोसिघाना में फंदे से लटका मिला शव, परिजनों ने लगाये गंभीर आरोप, पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जाँच
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SIRSA में वेटरनरी लाइव स्टॉक डिवलेपमेंट असिस्टेंट (VLDA) अशोक कुमार का सुसाइड करने का मामला सामने आया है। VLDA अशोक का शव राजकीय पशु अस्पताल माधोसिघाना में फांसी के फंदे से लटका मिला है। मृतक के दोस्त से पता चलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे और पुलिस को बुलाया गया। घटना की सूचना मिलते ही मल्लेकां पुलिस मौके पर पहुंची और आज साेमवार को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल सिरसा भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गांव कैरांवाली में गमगीन माहौल में अशोक कुमार का अंतिम संस्कार किया गया. पुलिस परिजनों का आरोप है कि अशोक को विभाग के स्टाफ द्वारा मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा था और उस पर काम का दबाव था।
जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय अशोक कुमार ऐलनाबाद के गांव कैरांवाली का रहने वाला था। अशोक कुमार 28 वर्ष के थे और 2022 से माधोसिंघाना के GVH में कार्यरत थे। उनके पिता का नाम घनश्याम है। परिजनों के अनुसार, अशोक काम के चलते रविवार को भी अस्पताल में आया हुआ था। आरोप है कि विभाग के स्टाफ ने उसे अकेले 4500 पशुओं के वैक्सीनेशन का काम दे रखा था और उसे जातिसूचक गालियां दी जाती थी। घटना की सूचना मिलते ही मल्लेकां पुलिस मौके पर पहुंची और आज साेमवार को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल SIRSA भिजवाया। मृतक के भाई रवि ने अशोक कुमार के साथ कार्यरत कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके भाई को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और आए दिन जातिगत गालियां भी दी जाती थी। रवि के अनुसार, इसी प्रताड़ना के कारण अशोक ने यह कदम उठाया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कैरांवाली निवासी रवि ने बताया, उसका भाई अशोक साल 2022 में VLDA के पद पर लगा था। शुरू से ही अशोक यहां पर कार्यरत था। एक-दो दिन के लिए उसे गांव के नजदीक पशु अस्पताल में भेज दिया जाता था। मगर उसकी स्थायी ट्रांसफर नहीं हुई। उसे घर भी नहीं जाने दिया जाता था। अशोक पर लगातार काम का दबाव था। जब भी वह शाम को घर आता तो उसके पास फोन शुरू हो जाते। अस्पताल में 8 से 9 लोगों का स्टाफ था। इस अस्पताल के अंतर्गत गांव के 9000 हजार पशु आते है। अकेले उसे 4500 पशुओं का जिम्मा दे रखा था। रवि ने बताया, रविवार रात को अशोक से फोन पर बात हुई थी और उस समय बोला, मैं चंडीगढ हूं। बाद में रात 9 बजे उसका कोई दोस्त घर आया और उसने कहा, कहीं जाकर आना है। वह उसी समय घर से चल पड़ा तो उसने रास्ते में बताया कि अशोक ने सुसाइड कर लिया है।
परिजनों के अनुसार, अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में अशोक का शव रस्सी के फंदे से लटका मिला। जब वह और उसके परिजन अस्पताल में पहुंचे तो रात्रि 10 बजे वहां पर कोई नहीं मिला। परिजनों का शक है कि ये हत्या की गई है, क्योंकि उनको अशोक के चारपाई पर रखे मिले और घुटने जमीन पर टिके थे।
SIRSA मल्लेकां पुलिस चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
